पटना। तृप्ति प्रमाण ब्यूरो विनोद प्रसाद,
बिहार में राजनीतिक बदलाव के बाद नई सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व डिप्टी सीएम और भूमि सुधार व राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा पारित निलंबन आदेश को रद्द कर दिया है। इस फैसले से 224 निलंबित राजस्व कर्मियों और अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है।
पृष्ठभूमि: फरवरी से चल रही थी हड़ताल
जानकारी के अनुसार, 11 फरवरी 2026 से बिहार के राजस्व कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। उस समय विभागीय मंत्री रहे विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताल को अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखते हुए 224 कर्मियों के निलंबन का आदेश दिया था। साथ ही, सरकारी कर्मचारियों को केवल एक बार परीक्षा देने की अनुमति वाला आदेश भी पारित किया गया था।
अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने दोनों आदेशों को निरस्त कर दिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर 11 फरवरी से 19 अप्रैल के बीच निलंबित किए गए कर्मियों की बहाली प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
जनहित के काम थे प्रभावित
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, ढाई महीने से चल रही हड़ताल और निलंबन के चलते अंचल स्तर पर जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण काम पूरी तरह ठप पड़ गए थे। दाखिल-खारिज, नामांतरण, जनगणना और अन्य दस्तावेजी कार्य प्रभावित होने से आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। यही कारण है कि विभाग ने कर्मचारियों को काम पर वापस बुलाने का निर्णय लिया है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
हड़ताल पर गए राजस्व कर्मियों की मुख्य मांगों में शामिल थीं:
ग्रेड पे में वृद्धि
गृह जिले में तबादले की सुविधा
दाखिल-खारिज प्रक्रिया में तकनीकी सुधार
कार्यालयों में बुनियादी ढांचा और सुविधाओं का विकास
हालांकि, सरकार बदलने के बाद अब निलंबन रद्द कर कर्मचारियों को कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया है। कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और काम पर लौटने की तैयारी शुरू कर दी है।
आगे की कार्यवाही
विभाग की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बहाल किए गए कर्मियों को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने पदों पर ज्वाइन करना होगा। साथ ही, लंबित मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी विचार किया जा रहा है।
इस मामले में राजस्व विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि जनहित में जारी आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी तरह की गिरावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।