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पटना सहित 6 जिलों में संपन्न हुआ सिविल डिफेंस मॉकड्रिल और ब्लैकआउट अभ्यास, नागरिक सुरक्षा को लेकर प्रशासन सजग |

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तृप्ति प्रमाण ब्यूरो,चीफ विनोद प्रसाद पटना
पटना जिले में 14 मई को सरकार के निदेशानुसार शहरी क्षेत्रों में हवाई हमले की स्थिति से निपटने के लिए सिविल डिफेंस मॉकड्रिल एवं ब्लैकआउट अभ्यास का आयोजन किया गया। यह अभ्यास निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
जिलाधिकारी, पटना ने इस अभ्यास में शामिल एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग, एनसीसी, पुलिस बल और सिविल सोसायटी के सदस्यों के योगदान की सराहना की है।
छह सिनैरियो पर आधारित था अभ्यास
नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मॉकड्रिल एवं ब्लैकआउट अभ्यास के लिए छह परिदृश्य तय किए गए थे:
एयर रेड अर्ली वार्निंग सिस्टम
ब्लैकआउट उपाय और कार्यान्वयन
इवैक्युएशन एण्ड शेल्टरिंग (लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाना)
सर्च एण्ड रेस्क्यू ऑपरेशन
मेडिकल रिस्पांस एण्ड कैजुअल्टी इवैक्युएशन
फायर फाइटिंग सिनैरियो
चार सिमुलेशन साइट्स पर चला अभ्यास
दोपहर 3 बजे से 4 बजे तक जिला पदाधिकारी, पटना के निर्देशन में चार सिमुलेशन साइट्स पर मॉकड्रिल का आयोजन किया गया:
पटना समाहरणालय
बिस्कोमान भवन
बाँकीपुर बस स्टैंड
आईजीआईएमएस


इन साइट्स पर आपदा प्रबंधन के मुख्य घटकों राहत, बचाव एवं पुनर्वास की प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया। प्रत्येक साइट पर विशिष्ट आपदा परिदृश्य बनाकर एसओपी के अनुसार गतिविधियाँ संचालित की गईं।
गाँधी मैदान बना मुख्य नियंत्रण केंद्र
गाँधी मैदान, पटना को स्टेजिंग एरिया यानी इन्सिडेंट कमांड साइट के रूप में विकसित किया गया था। शाम 6:58 बजे एयरफोर्स कंट्रोल रूम से हवाई हमले की चेतावनी प्राप्त होते ही निर्धारित समय पर दो मिनट तक नागरिक सुरक्षा सायरन बजाया गया।
सायरन बजते ही ब्लैकआउट प्रक्रिया शुरू हुई। शाम 7 बजे से 7:15 बजे तक चले इस ब्लैकआउट अभ्यास में नागरिकों ने अपने घर, दुकान, गोदाम, प्रतिष्ठान और वाहनों की लाइट बंद रखी। केवल अनिवार्य सेवाओं को ही जारी रखा गया। प्रशासन के अनुसार, आम जनता ने इस अभ्यास में अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जिलाधिकारी का बयान
जिलाधिकारी, पटना ने इस अवसर पर कहा कि नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पटना सहित राज्य के छह जिलों में हवाई हमला मॉकड्रिल एवं ब्लैकआउट अभ्यास का आयोजन किया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़, सूखा, भूकंप या किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र सदैव सजग, तत्पर और प्रतिबद्ध है।
नागरिक सहयोग की रही अहम भूमिका
इस अभ्यास की सफलता में स्थानीय नागरिकों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि आपदा प्रबंधन में सामुदायिक भागीदारी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी प्रशासनिक तैयारी।
अभ्यास के दौरान सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और संचार प्रणाली की भी समीक्षा की गई, जिससे भविष्य में किसी भी वास्तविक आपदा स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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Rajesh