मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान वसई-विरार में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उससे जुड़ी समस्याओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। वसई विधानसभा की विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने सरकार का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित करते हुए नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
एक लाख आवारा कुत्ते, केवल 28 हजार की हुई नसबंदी
विधायक ने सदन में बताया कि वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में लगभग एक लाख आवारा कुत्ते मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में नसबंदी अभियान पर करीब 4.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद केवल 28 हजार कुत्तों का ही नसबंदीकरण हो पाया। पूरे शहर में सिर्फ दो नसबंदी केंद्र होने के कारण अभियान की रफ्तार बेहद धीमी है।
विधायक के सवाल और सरकार का जवाब
उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या वसई-विरार में नसबंदी केंद्रों की संख्या और उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी? साथ ही, महानगरपालिका क्षेत्र में एनिमल शेल्टर होम स्थापित करने की क्या योजना है और इसे कब तक पूरा किया जाएगा? इसके अलावा उन्होंने यह भी जानना चाहा कि आवारा कुत्तों और श्वानदंश की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए क्या राज्य सरकार विशेष निगरानी तंत्र या विशेष दल नियुक्त करेगी?
सरकार की ओर से जवाब देते हुए संबंधित मंत्री ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक महानगरपालिका के लिए पशु आश्रय केंद्र विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नसबंदी के बाद प्रत्येक कुत्ते को कुछ दिनों तक देखरेख में रखना पड़ता है, इसलिए अभियान को व्यवस्थित योजना के साथ संचालित करना जरूरी है। साथ ही, न्यायालय के निर्देशों के अनुसार निर्धारित डॉग फीडिंग स्पॉट पर ही कुत्तों को भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
समयबद्ध कार्रवाई की मांग
इस पर विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने कहा कि केवल दिशा-निर्देशों का हवाला देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका समयबद्ध और प्रभावी पालन सुनिश्चित करना अधिक आवश्यक है। उन्होंने वसई-विरार में नए नसबंदी केंद्र शुरू करने, पशु आश्रय गृह स्थापित करने और सरकारी निर्देशों को सख्ती से लागू करने के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित करने की मांग दोहराई।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा, श्वानदंश की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण तथा पशु कल्याण और मानव हित के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार को जल्द ठोस निर्णय लेने चाहिए।
(रिपोर्ट: साहिल यादव, तृप्ति प्रमाण |