पालघर। मच्छरों से फैलने वाली खतरनाक बीमारियों, खासकर डेंगू पर काबू पाने के लिए पालघर जिला परिषद का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। राज्य सरकार के निर्देशों पर अमल करते हुए, विभाग ने पूरे जुलाई 2026 को ‘डेंगू मुक्ति अभियान’ के रूप में मनाने का फैसला लिया है। इस दौरान जिले के हर कोने में लोगों को जागरूक करने और बीमारी को रोकने के लिए विशेष प्लान तैयार किए गए हैं।
जनभागीदारी है इस अभियान की जान
इस साल के अभियान की थीम “जनभागीदारी से डेंगू पर नियंत्रण” रखी गई है। इसका मूल मंत्र है कि पानी जमा न होने दें, आसपास की स्वच्छता का ध्यान रखें और पानी रखने के बर्तनों को हमेशा ढककर रखें। यह मिशन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर स्कूलों, कॉलेजों और सभी सरकारी विभागों के मिले-जुले प्रयासों से चलाया जाएगा।
घर-घर सर्वे और स्कूलों में प्रतियोगिताएं
इस जनजागरूकता मिशन के तहत कई बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इनमें प्रभात फेरियां, घर-घर जाकर सर्वेक्षण, बुखार और कंटेनर सर्वे, और विशेष सफाई अभियान शामिल हैं। इसके अलावा स्कूली बच्चों के लिए पेंटिंग, निबंध और रंगोली प्रतियोगिताएं भी रखी गई हैं। आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, साथ ही मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के लिए पानी में गप्पी मछलियां छोड़ने का अभियान भी चलेगा।
‘ड्राई डे’ मनाकर रखें खुद को सुरक्षित
विभाग ने आम जनता से खास अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। पानी की टंकियों को हमेशा बंद रखें और हफ्ते में कम से कम एक दिन ‘ड्राई डे’ मनाएं, जिसमें सभी बर्तनों का पानी खाली कर उन्हें अच्छे से साफ किया जाए। अगर किसी को तेज बुखार, सिरदर्द या शरीर में दर्द की शिकायत हो, तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराएं।
प्रशासन के साथ जनता का भी है दायित्व
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संतोष चौधरी का मानना है कि डेंगू से लड़ाई में सिर्फ प्रशासन ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की भूमिका बहुत अहम है। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई और समय पर इलाज से इस बीमारी को आसानी से रोका जा सकता है। उन्होंने सभी गांवों, शहरों, स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं से इस मिशन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की गुजारिश की है।