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वसई-विरार नगर निगम कमिश्नर पर गिरेगी गाज? बाढ़ की नाकामी के बाद तुकाराम मुंढे को कमान सौंपने के लिए सीएम फडणवीस को पत्र |

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वसई:

वसई-विरार शहर में हाल ही में आई भीषण बाढ़ और जलभराव की समस्या ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। नगर निगम (मनपा) प्रशासन के सुस्त रवैये से नाराज शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने वर्तमान मनपा आयुक्त के कामकाज पर असंतोष जताया है। शिवसेना के वसई तालुका प्रमुख प्रथमेश राऊत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मांग की है कि वर्तमान कमिश्नर का तुरंत तबादला किया जाए और उनके स्थान पर तेजतर्रार आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे की नियुक्ति की जाए।

बाढ़ से जनता बेहाल, आर्थिक नुकसान से उपजा आक्रोश

मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में शिवसेना ने कहा कि लगातार पांच दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। रिहायशी इलाकों, दुकानों और व्यावसायिक बाजारों में पानी भर जाने से आम जनता और व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। इस दौरान बिजली गुल रहने और इंटरनेट ठप होने से नागरिकों की मुसीबतें कई गुना बढ़ गईं।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन पूरी तरह फेल: प्रथमेश राऊत

प्रथमेश राऊत ने वर्तमान महापालिका आयुक्त पृथ्वीराज बी. पी. और मनपा के आला अधिकारियों को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि जब जनता बाढ़ की विभीषिका झेल रही थी, तब आपदा प्रबंधन की टीम और वरिष्ठ अधिकारी जमीन पर नदारद थे। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि शहर में जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के बजाय नगर निगम प्रशासन अवैध निर्माणों को सह देने में लगा हुआ है।

तुकाराम मुंढे की नियुक्ति पर क्यों है जोर?

शिवसेना का मानना है कि वसई-विरार की प्रशासनिक व्यवस्था में फैले कथित भ्रष्टाचार और ढुलमुल रवैये को केवल तुकाराम मुंढे जैसा कड़क और नियम-कानून का पक्का अधिकारी ही ठीक कर सकता है। गौरतलब है कि पूर्व महापालिका आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी की सेवानिवृत्ति के समय भी भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन नगरसेवक महेश सरवणकर ने भी प्रशासन को सुधारने के लिए तुकाराम मुंढे को ही वसई-विरार का कमिश्नर नियुक्त करने की मांग उठाई थी।

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Rajesh