मुंबई:
महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने मुंबई पुलिस बल को अधिक सक्षम और आधुनिक बनाने के साथ-साथ पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कानून व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस महकमे को नई सुविधाएं देने के उद्देश्य से सरकार ने मुंबई में पुलिसकर्मियों के लिए 40 हजार नए आवासों के निर्माण की एक व्यापक योजना को मंजूरी दी है। इस महापरियोजना के साथ ही पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण के लिए 732 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट भी आवंटित किया गया है।
32 थानों का होगा कायाकल्प, दिखेगा नया रूप
इस विशेष योजना के अंतर्गत मुंबई के पुराने, जर्जर और असुविधाजनक पुलिस थानों को पूरी तरह से बदला जाएगा। शहर के ऐसे 32 पुलिस थानों की पहचान की गई है, जिनकी जगह अब एक समान (यूनिफॉर्म) डिजाइन वाले आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त पुलिस स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इस बदलाव से न केवल पुलिसकर्मियों को काम करने के लिए बेहतर माहौल मिलेगा, बल्कि आम जनता के लिए भी पुलिस व्यवस्था अधिक सुलभ और प्रभावी हो जाएगी।
क्राइम और ड्रग्स पर ‘जीरो टॉलरेंस’
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने अपनी नीति साफ कर दी है। मुख्यमंत्री और गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अपराध और नशीले पदार्थों (ड्रग्स) के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ यानी शून्य सहनशीलता की नीति पर काम किया जा रहा है। सरकार के मुताबिक, महाराष्ट्र पुलिस की मुस्तैदी और बेहतरीन कार्यप्रणाली का ही नतीजा है कि मुंबई में अपराधों को सुलझाने (डिटेक्शन रेट) की दर बढ़कर अब 82 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा रिकॉर्ड है।
मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ेगा पुलिस का हौसला
सरकार का मानना है कि इस दूरदर्शी योजना से पुलिसकर्मियों को न सिर्फ रहने के लिए बेहतर मकान मिलेंगे, बल्कि उन्हें आधुनिक संसाधन और एक मजबूत बुनियादी ढांचा भी उपलब्ध होगा। जब पुलिस बल हर तरह की आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, तो राज्य की कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। इस फैसले से पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों में खुशी की लहर है।
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