संवाददाता: साहिल यादव
मुंबई:
मनोरंजन उद्योग में इन दिनों रियलिटी शोज़ का दबदबा तेजी से बढ़ रहा है। इस बदलते दौर के बीच, बालाजी समूह के जाने-माने टैलेंट हेड मोहम्मद नगामन लतीफ़ ने अपनी कास्टिंग स्ट्रेटेजी, काम के अनुभवों और कला जगत के कई अनछुए पहलुओं पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने बताया कि कलाकारों के चयन में उनका बरसों का अनुभव और सही समय पर लिया गया सटीक फैसला (अंतरात्मा की आवाज़) सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसकी अनमोल सीख उन्हें मशहूर निर्माता एकता कपूर से मिली है।
बालाजी के टैलेंट विभाग की कमान और रियलिटी शोज़ की सफलता
मोहम्मद नगामन लतीफ़ वर्तमान में ‘हूनूर’ (Hoonur) के टैलेंट विभाग का नेतृत्व संभाल रहे हैं। इसके साथ ही वे बालाजी मोशन पिक्चर्स, बालाजी टेलीफिल्म्स और बालाजी डिजिटल (ऑल्ट बालाजी) जैसे बड़े बैनर्स के लिए योग्य कलाकारों को चुनने की अहम जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में चुने गए कई रियलिटी शो के प्रतिभागियों ने आगे चलकर इंडस्ट्री में बेहतरीन मुकाम हासिल किया है।
लतीफ़ ने ‘द 50’ शो का उदाहरण देते हुए बताया कि जब उन्होंने शिव ठाकरे को इस शो के लिए चुना था, तब उन्हें पूरा यकीन था कि शिव अपनी मेहनत के दम पर एक अलग मुकाम हासिल करेंगे। शिव पहले भी कई बड़े मंचों पर खुद की काबिलियत साबित कर चुके थे, इसलिए उनकी प्रतिभा पर किसी तरह का कोई संदेह नहीं था। उन्होंने कहा कि बालाजी की बेहतरीन कार्यशैली और सही मार्गदर्शन ने उन्हें हमेशा सही निर्णय लेने की ताकत दी है।
उर्वशी ढोलकिया और क्षितिज की बॉन्डिंग रही बेहद खास
शो में मशहूर अभिनेत्री उर्वशी ढोलकिया और उनके बेटे क्षितिज ढोलकिया की भागीदारी को लेकर उन्होंने कहा कि मां-बेटे की इस जोड़ी को एक साथ स्क्रीन पर लाना दर्शकों के लिए बहुत खास अनुभव था। शो का मुख्य उद्देश्य ही दोनों के बीच के वास्तविक प्यार और मजबूत रिश्ते को जनता तक पहुँचाना था। लतीफ़ ने दोनों के खेल और जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि उनके लिए यह जोड़ी हमेशा एक सच्चे विजेता की तरह ही रहेगी।
कास्टिंग का पैमाना: सोशल मीडिया के आंकड़ों पर नहीं, टैलेंट पर भरोसा
एक कुशल टैलेंट हेड के रूप में उन्होंने रियलिटी शोज़ के लिए कलाकारों को चुनने के अपने कड़े पैमाने भी साझा किए। उनके अनुसार:
- प्रतिभागी के भीतर अटूट आत्मविश्वास होना चाहिए।
- उसकी सोच में स्पष्टता और त्वरित जवाब देने की गजब की क्षमता होनी चाहिए।
- कठिन परिस्थितियों और टास्क में बेहतर प्रदर्शन करने का जज़्बा होना ज़रूरी है।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आज के दौर में महज सोशल मीडिया पर बड़ी फैन फॉलोइंग होना किसी भी कलाकार की सफलता या उसकी प्रतिभा की गारंटी नहीं बन सकता। उन्होंने अभिनेत्री उर्वशी ढोलकिया की तारीफ में कहा कि वह एक बेहद ईमानदार और बेबाक शख्सियत हैं, जो अपनी पसंद और नापसंद को बिना किसी झिझक के सामने रखती हैं।
चुनौतियाँ पसंद हैं और एकता कपूर हैं सबसे बड़ी ताकत
मोहम्मद नगामन लतीफ़ ने बताया कि उन्हें हमेशा से ही सीधे और आसान प्रोजेक्ट्स के बजाय चुनौतीपूर्ण काम करना पसंद रहा है, क्योंकि विपरीत परिस्थितियाँ ही इंसान की असली क्षमता को निखारती हैं। उन्होंने अभिनेता कुशाल टंडन का उदाहरण देते हुए कहा कि अतीत में उनके कई फैसलों ने लोगों की पारंपरिक सोच को गलत साबित किया है।
बातचीत के अंत में उन्होंने एकता कपूर के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज मनोरंजन जगत की जो भी समझ और अनुभव उनके पास है, उसमें एकता कपूर का सबसे बड़ा योगदान है। वे उनके पूरे करियर की सबसे बड़ी प्रेरणा और ताकत हैं। लतीफ़ का मानना है कि आने वाले समय में रियलिटी शोज़ का दायरा और बढ़ेगा क्योंकि दर्शकों की पसंद अब तेजी से बदल रही है।