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वधावन पोर्ट के विरोध में उग्र हुआ राजनीतिक माहौल; प्रदर्शनकारियों को रोकने पर भड़की कांग्रेस, पुलिस की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल |

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पालघर:

जिले की चर्चित ‘वधावन बंदरगाह (Wadhavan Port) परियोजना’ को लेकर विवाद और गहराता जा रहा है। परियोजना के लिए कथित तौर पर किए जा रहे जबरन भूमि अधिग्रहण और वनों की अंधाधुंध कटाई के खिलाफ आयोजित जन-आंदोलन को रोके जाने पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हिस्सा लेने जा रहे नागरिकों और आंदोलनकारियों को वरोर नाका के पास पुलिस प्रशासन द्वारा जबरन रोका गया, जो सीधे तौर पर लोकतंत्रीय मर्यादाओं का हनन है।

“लोकतांत्रिक अधिकारों को दबा रही सरकार”: कैप्टन सत्यम ठाकुर

पालघर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन सत्यम ठाकुर ने पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई की तीखी भर्त्सना की है। उन्होंने कहा कि देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है। नागरिकों को प्रदर्शन स्थल तक पहुँचने से रोकना उनके संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का सरेआम उल्लंघन है। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार पर जनता की आवाज़ को पुलिस बल के दम पर दबाने का आरोप लगाया।

पर्यावरण और जन-जमीन की सुरक्षा के लिए संघर्ष रहेगा जारी

कैप्टन ठाकुर ने स्पष्ट किया कि वधावन पोर्ट के निर्माण से स्थानीय पर्यावरण, हरियाली और नागरिकों की कृषि योग्य भूमि पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। यही वजह है कि भूमि अधिग्रहण और पेड़ों की कटाई के खिलाफ स्थानीय जनता लगातार सड़कों पर उतर रही है। उन्होंने ऐलान किया कि प्रशासनिक दबाव के बावजूद स्थानीय लोगों और कांग्रेस पार्टी का यह शांतिपूर्ण संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक जनता की बात नहीं सुनी जाती।

(नोट: यह खबर कांग्रेस जिलाध्यक्ष कैप्टन सत्यम ठाकुर द्वारा जारी आधिकारिक बयान पर आधारित है। इस संदर्भ में पुलिस या स्थानीय प्रशासन का आधिकारिक पक्ष या प्रतिक्रिया आते ही उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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Rajesh