---Advertisement---

पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं से किया ‘विकसित भारत 2047’ में भागीदारी का आह्वान, 83 मेधावियों को 84 गोल्ड मेडल |

---Advertisement---

तृप्ति प्रमाण न्यूज़ / जौनपुर

रिपोर्टर / ब्यूरो चीफ: दिलीप कुमार

जौनपुर: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह सोमवार को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में भव्य एवं गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। इस समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने की। कार्यक्रम के दौरान 83 मेधावी छात्र-छात्राओं को कुल 84 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जिनमें 52 छात्राएं और 31 छात्र शामिल रहे। इसके अलावा 339 शोधार्थियों को पीएचडी और विज्ञान संकाय के डॉ. मुकेश कुमार झोपे को डीएससी की उपाधि से नवाजा गया।

राष्ट्र निर्माण और चरित्र निर्माण की प्रयोगशाला हैं विश्वविद्यालय: राज्यपाल

अपने अध्यक्षीय संबोधन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान केवल डिग्री बांटने की जगह नहीं हैं, बल्कि ये देश के चरित्र और भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने सपनों को दृढ़ संकल्प में बदलकर वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को केवल नौकरी तलाशने के बजाय खुद का उद्यम शुरू कर रोजगारदाता बनने की सलाह दी। उन्होंने छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन की तारीफ करते हुए छात्रों को उनसे सीख लेने की प्रेरणा दी।

तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक ज्ञान सफलता की कुंजी: मेजर जनरल गौरव गौतम

समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश एनसीसी के एडीजी मेजर जनरल गौरव गौतम ने कहा कि वर्तमान दौर में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। युवाओं को तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक कौशल, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस और आधुनिक नवाचारों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

वहीं विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दे रही है।

कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने पेश की प्रगति रिपोर्ट

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने संस्थान की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने एआई आधारित नए पाठ्यक्रमों, 205 शोध पत्रों के प्रकाशन, 10 पेटेंट, पीएम-ऊषा व डीएसटी-पर्स परियोजनाओं, स्मार्ट क्लासरूम और बेहतर प्लेसमेंट रिकॉर्ड की जानकारी दी।

सामाजिक सरोकार और नए विकास कार्यों का लोकार्पण

दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को पठन-पाठन सामग्री, बैग व फल बांटे। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 500 किट वितरित की गईं और विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका “गतिमान” सहित छह अन्य पुस्तकों का विमोचन हुआ।

समारोह में वर्ष 2025-26 सत्र की 77,463 स्नातक व स्नातकोत्तर डिग्रियों को डिजीलॉकर पर अपलोड करने का शुभारंभ हुआ। परिसर में निर्मित ‘आनंदी वाटिका’ और इंडोर स्टेडियम के विस्तारित भाग का उद्घाटन भी संपन्न हुआ।

जनसंचार विभाग के शुभम गुप्ता को मिले दो स्वर्ण पदक

समारोह में जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के छात्र शुभम गुप्ता ने विशेष उपलब्धि हासिल की। एमए जनसंचार में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर उन्हें प्रतिष्ठित ‘अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक’ सहित कुल दो स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. मनोज मिश्र ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. विनोद सिंह, वित्त अधिकारी आत्म प्रकाश धर द्विवेदी, कार्यपरिषद व विद्यापरिषद के सदस्य, प्राध्यापक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---
Rajesh