संवाददाता: पराग यादव (तृप्ति प्रमाण)
बोईसर:
पालघर जिले के प्रमुख औद्योगिक केंद्र बोईसर MIDC क्षेत्र में इन दिनों अव्यवस्थित और अवैध पार्किंग एक बेहद विकराल रूप धारण कर चुकी है। सड़कों के किनारे और मोड़ों पर बेतरतीब ढंग से खड़े किए जा रहे वाहनों के कारण पूरा यातायात ढांचा चरमरा गया है। इसके चलते रोजाना हजारों कर्मचारियों, स्थानीय निवासियों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों को भारी ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
सड़कों पर गाड़ियों का कब्जा, राहगीर परेशान
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि MIDC क्षेत्र की मुख्य व आंतरिक सड़कों पर बड़े मालवाहक ट्रकों, कंटेनरों और निजी वाहनों को बिना किसी नियम-कायदे के पार्क कर दिया जाता है। इसके कारण सड़कों की चौड़ाई सिमट गई है और पिक-अवर (आवाजाही के मुख्य समय) में गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं।
उद्योगों और कर्मचारियों के समय की बर्बादी
बोईसर MIDC में रोजाना हजारों श्रमिक और अधिकारी ड्यूटी के लिए आते हैं। बेतरतीब पार्किंग के चलते घंटों ट्रैफिक में फंसे रहने से न केवल लोगों का समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या दमकल गाड़ियों की आवाजाही पर भी संकट मंडराने लगता है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
‘तृप्ति प्रमाण’ के माध्यम से नागरिकों और उद्योगपतियों ने स्थानीय प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और MIDC अधिकारियों से इस समस्या पर तुरंत संज्ञान लेने की पुरजोर मांग की है। लोगों का कहना है कि नो-पार्किंग ज़ोन में गाड़ियां खड़ी करने वालों के खिलाफ कड़े जुर्माने और वाहन ज़ब्त करने जैसी प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि यातायात व्यवस्था को सुचारु किया जा सके।