नालासोपारा:
वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) में भ्रष्टाचार और घटिया सड़क निर्माण को लेकर घमासान छिड़ गया है। शहर अभियंता प्रदीप पचांगे के इस्तीफे की मांग को लेकर समाजसेवी विवेक तिवारी ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने महानगरपालिका आयुक्त को औपचारिक पत्र सौंपकर शहर अभियंता को तुरंत पद से हटाने की मांग की है। इसके साथ ही सड़क निर्माण में हुई कथित आर्थिक अनियमितताओं की जांच सीबीआई (CBI) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से कराने का कड़ा पत्र लिखा है।
गड्डों में तब्दील सड़कें, रोजाना हादसों का डर
विवेक तिवारी का आरोप है कि वसई-विरार और नालासोपारा क्षेत्र की अधिकांश सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। हर कुछ दूरी पर बने जानलेवा गड्ढों के कारण स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों को भारी मानसिक व शारीरिक यातना सहनी पड़ रही है। सड़कों के घटिया स्तर के कारण रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं और पूरे शहर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने सीधे तौर पर नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत को इसका कारण बताया है।
15 अगस्त से बेमियादी भूख हड़ताल की चेतावनी
प्रशासनिक उदासीनता से नाराज विवेक तिवारी ने मनपा प्रशासन को अंतिम चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शहर अभियंता के खिलाफ निलंबन और जांच के ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले 15 अगस्त 2026 से वसई-विरार महानगरपालिका मुख्यालय के सामने विशाल जनमोर्चा निकाला जाएगा और वे स्वयं आमरण अनशन (बेमियादी भूख हड़ताल) पर बैठेंगे। उन्होंने क्षेत्र की सभी गैर-सरकारी संस्थाओं (NGOs), सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम जनता से इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है।
‘तृप्ति प्रमाण’ का निष्पक्ष प्रयास: अधिकारी ने काटा फोन
मामले में दूसरा पक्ष जानने के लिए ‘तृप्ति प्रमाण’ की टीम ने वसई-विरार महानगरपालिका के शहर अभियंता प्रदीप पचांगे से उनके मोबाइल फोन पर संपर्क साधने का प्रयास किया। हालांकि, उन्होंने कॉल रिसीव तो किया, लेकिन बिना कोई सफाई दिए तुरंत फोन काट दिया।