जौनपुर। जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. ने जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि लंबित पड़ी सभी विकास परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए। इसी कड़ी में डीएम ने प्रत्येक ग्राम पंचायत के मुख्य प्रवेश द्वार पर ‘ग्राम सूचना बोर्ड’ स्थापित करने का आदेश दिया है, जिससे गांव की महत्वपूर्ण जानकारियां ग्रामीणों और बाहर से आने वाले लोगों को एक ही स्थान पर मिल सकें।
सूचना बोर्ड पर उपलब्ध होगी गांव की पूरी कुंडली
कैंप कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इन सूचना बोर्डों पर केवल औपचारिकता न निभाई जाए। बोर्ड पर गांव की कुल जनसंख्या, महिला-पुरुष अनुपात, मतदाताओं की संख्या, ग्राम प्रधान का नाम, भू-जल स्तर, गांव की प्रमुख उपलब्धियां और ‘विलेज सिटीजन चार्टर’ जैसी अति-महत्वपूर्ण जानकारियां स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए।
अमृत सरोवरों को मॉडल बनाने और ई-केवाईसी पर जोर
डीएम ने जिले के अमृत सरोवरों को मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सरोवरों पर ओपन जिम, वॉकिंग ट्रैक, ट्री गार्ड और बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा मनरेगा के सक्रिय जॉब कार्ड धारकों की 100% ई-केवाईसी कराने, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के मास्टर रोल समय पर जारी करने तथा सभी विकास कार्यों की डिजिटल डायरी तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
3 महीने का अल्टीमेटम और फॉगिंग मशीन की अनिवार्यता
डीएम ने उपायुक्त एनआरएलएम को निर्देश दिया कि ग्राम सूचना बोर्ड सहित संबंधित विकास कार्यों का विस्तृत इस्टीमेट तुरंत तैयार कर अगले तीन महीने के भीतर सभी काम पूरे कराए जाएं। साथ ही, नवीन सरकारी भवनों पर फ्लैग पोल लगाने और संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत हर ग्राम पंचायत में फॉगिंग मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
(ब्यूरो चीफ: दिलीप कुमार, तृप्ति प्रमाण, जौनपुर)