स्थान: वसई-विरार
वसई-विरार: शहर में बदहाल सड़कों, दूषित जलापूर्ति और लगातार बढ़ाए जा रहे स्थानीय करों के खिलाफ शुक्रवार को नागरिकों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। ‘वसई जनशक्ति आघाड़ी’ के बैनर तले वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) मुख्यालय के बाहर एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस आंदोलन में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।
बारिश और धूप के बावजूद जुटे सैकड़ों नागरिक
मुख्यालय के बाहर आयोजित इस प्रदर्शन में मौसम का मिज़ाज भी नागरिकों के हौसले को नहीं तोड़ सका। झमाझम बारिश और तेज धूप के बीच सैकड़ों की संख्या में महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने हिस्सा लिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया।
प्रमुख मुद्दे: सड़क, पानी, टैक्स और CC-OC
प्रदर्शनकारियों ने मनपा आयुक्त और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष प्रमुख समस्याओं की सूची रखी:
- सड़कें व खुदाई: शहर में जगह-जगह खोदी गई सड़कें और अधूरे निर्माण कार्य आम जनता के लिए आफत बन चुके हैं।
- पानी की समस्या: कई क्षेत्रों में नियमित पानी नहीं मिल रहा है, जबकि कई जगह नलों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है।
- करों में भारी वृद्धि: नागरिकों का आरोप है कि मनपा कर तो बढ़ा रही है, लेकिन उस अनुपात में जनसुविधाएं शून्य हैं।
- अन्य प्रशासनिक मामले: भूमिपट्टे, कंस्ट्रक्शन कम्प्लीशन (CC) और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) से जुड़े मुद्दों के जल्द निस्तारण की मांग की गई।
अनियंत्रित कंक्रीटीकरण और पर्यावरण पर जताई चिंता
आंदोलनकारियों ने वसई क्षेत्र में बढ़े हुए एफएसआई (FSI) के तहत बन रही ऊंची इमारतों के निर्माण पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अंधाधुंध कंक्रीटीकरण से शहर का पर्यावरण और इसकी हरियाली नष्ट हो रही है। मनपा को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।
समयबद्ध समाधान की मांग
वसई जनशक्ति आघाड़ी और प्रदर्शनकारियों ने मनपा प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नागरिकों की इन बुनियादी समस्याओं पर शीघ्र और समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।