ब्यूरो चीफ: विनोद प्रसाद (तृप्ति प्रमाण)
स्थान: पटना
पटना: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सामाजिक समरसता और सम्मान की 15 साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाया। वह पटना जिले के धनरुआ प्रखंड स्थित नदवां गांव के महादलित टोला पहुंचे, जहां उनकी उपस्थिति में गांव के सबसे बुजुर्ग नागरिक जुगेश्वर मांझी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
वंचित वर्ग को सम्मान देने की परिपाटी
बिहार में महादलित टोला में जाकर वहां के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति से ध्वजारोहण कराने की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 15 वर्ष पूर्व की थी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित और शोषित वर्ग को सम्मान देना और सामाजिक बराबरी का संदेश फैलाना था। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने भी इस परंपरा को पूरी निष्ठा के साथ जारी रखा है।
नदवां गांव को मिलीं विकास की कई बड़ी सौगातें
ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नदवां के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं:
- मॉडल स्कूल का निर्माण: नदवां हाई स्कूल को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा और स्कूल के खेल मैदान का पुनरुद्धार किया जाएगा।
- प्रशासनिक व स्वास्थ्य सुविधाएं: गांव में पंचायत सरकार भवन, सामुदायिक भवन, आंगनवाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण कराया जाएगा।
- कन्या विवाह मंडप: स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए कन्या विवाह मंडप के निर्माण को भी मंजूरी प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।