पालघर

पालघर बनेगा देश का नया औद्योगिक हब: निवेश परिषद में ₹5,097 करोड़ के प्रस्ताव, 7,830 युवाओं को मिलेगा रोजगार |

स्थान: पालघर (महाराष्ट्र)

महाराष्ट्र का पालघर जिला आने वाले समय में देश के आर्थिक विकास का एक प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। जिला नियोजन समिति सभागार में आयोजित ‘निवेश परिषद 2026’ के दौरान जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए ₹5,097 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वन मंत्री एवं पालघर के पालक मंत्री गणेश नाईक के अनुसार, इस निवेश से क्षेत्र के 7,830 से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

प्रमुख कंपनियों के निवेश प्रस्ताव

निवेश परिषद में 95 निवेशकों ने अपनी दिलचस्पी दिखाई। प्रमुख निवेश इस प्रकार हैं:

  • स्काई ग्रीन रीसाइक्लिंग इंडस्ट्रीज (EOU): ₹325 करोड़ का निवेश (1,000 रोजगार)
  • एयरो प्लास्ट पैकेजिंग: ₹300 करोड़ का निवेश (340 रोजगार)
  • एमपीसीएल इंडस्ट्रीज लि.: ₹250 करोड़ का निवेश
  • वीस्टार मेटल इंडस्ट्रीज प्रा. लि.: ₹225 करोड़ का निवेश (350 रोजगार)
  • गुजरात कॉपर अलॉयज लि.: ₹200 करोड़ का निवेश

वधावन बंदरगाह और 1,000 एकड़ में फर्नीचर पार्क

पालक मंत्री ने जानकारी दी कि वधावन बंदरगाह परिसर में महाराष्ट्र वन विकास निगम (FDCM) के माध्यम से लगभग 1,000 एकड़ में फर्नीचर उद्योग का क्लस्टर तैयार किया जाएगा। इसके तहत विश्वप्रसिद्ध कंपनी IKEA जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करने का प्रयास किया जाएगा। इसमें विदर्भ के बल्लारशाह की उच्च गुणवत्ता वाली सागौन लकड़ी का इस्तेमाल किया जाएगा।

‘पर्यावरण की कीमत पर विकास मंजूर नहीं’

ग्लोबल वार्मिंग और मौसम में बदलाव का हवाला देते हुए पालक मंत्री ने स्पष्ट किया कि उद्योगों का विस्तार करते समय हवा, पानी और ध्वनि प्रदूषण को रोकना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा, “पर्यावरण की कीमत पर औद्योगिक विकास स्वीकार नहीं किया जाएगा।” साथ ही, निवेशकों को प्रशासनिक सहूलियत देने के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ लागू करने का आश्वासन भी दिया गया।

Sanjay Jaiswal

संपादक समाचार जगत की रीढ़ होते हैं, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रमाणिक जानकारी पाठकों तक पहुँचाते हैं। वे खबरों की गहन जाँच-पड़ताल कर समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।