रिश्वत न मिलने पर विद्युत चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराने का आरोप; सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के अफलेपुर का मामला
जौनपुर। सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के अफलेपुर गांव में किराए के भवन में संचालित हयात अस्पताल के बिजली कनेक्शन को लेकर विवाद सामने आया है। विद्युत विभाग ने बिजली चोरी के आरोप में अस्पताल संचालक शमीम अहमद के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है।
अस्पताल संचालक ने विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि उनसे पैसे की मांग की गई थी और मांग पूरी नहीं होने के बाद उनके खिलाफ बिजली चोरी की कार्रवाई की गई। हालांकि, रिश्वत की मांग के इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल जिस भवन में संचालित हो रहा है, वहां का विद्युत कनेक्शन भवन स्वामी पूनम साहू पत्नी राजकुमार साहू के नाम बताया जा रहा है। अस्पताल परिसर में लगे कनेक्शन और स्मार्ट मीटर का विवरण भी प्राथमिकी में दर्ज होने की जानकारी है। इसमें मीटर संख्या SC11505274 का उल्लेख किया गया है।
अस्पताल संचालक के अनुसार, मीटर में शॉर्ट-सर्किट की शिकायत उन्होंने विद्युत विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1912 पर की थी। बिजली आपूर्ति बाधित रहने के दौरान अस्पताल में जनरेटर के माध्यम से बिजली की व्यवस्था की गई।
आरोप है कि करीब एक सप्ताह बाद अस्पताल संचालक ने विभागीय अधिकारी से संपर्क किया। संचालक का दावा है कि कनिष्ठ अभियंता अमित कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और उनसे पैसे की मांग की गई। संचालक के अनुसार, पैसे नहीं देने पर उनके खिलाफ विद्युत चोरी का मामला दर्ज कराया गया तथा करीब ₹1,34,908.08 के राजस्व निर्धारण की कार्रवाई की गई।
वहीं, विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता अमित कुमार सिंह ने इन आरोपों से अलग विभाग का पक्ष रखते हुए कहा कि जिस व्यक्ति द्वारा बिजली का उपभोग किया जा रहा है, कनेक्शन उसी के नाम होना चाहिए। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में एसी का लोड जोड़ा गया था और विभाग के अनुसार बिना मीटर के विद्युत उपयोग किया जा रहा था। उनका कहना है कि मीटर लगने के बाद भी संबंधित लोड को मीटर से नहीं जोड़ा गया था।
विद्युत विभाग की ओर से बिजली चोरी के आरोप में दर्ज प्राथमिकी में कनेक्शन और स्मार्ट मीटर से संबंधित विवरण शामिल किए गए हैं। मामले की विवेचना अरविंद कुमार सिंह को सौंपी गई है।
अस्पताल संचालक ने बिजली चोरी के आरोप से इनकार करते हुए विभागीय कार्रवाई की जांच कराने और प्रस्तावित राजस्व निर्धारण पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
फिलहाल मामले में यह जांच का विषय है कि विद्युत कनेक्शन वास्तविक रूप से किसके नाम था, मौके पर मीटर और विद्युत लाइन में किस स्तर पर कोई अनियमितता या छेड़छाड़ पाई गई और विभाग की ओर से की गई कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
संवाददाता: शम्भू विश्वकर्मा




