(आदिवासी और वनवासी समुदायों के वन अधिकारों को मिलेगी नई मजबूती)
डॉ. इंदू राणी जाखड, जिलाधिकारी, पालघर
पालघर: पालघर जिले में सामुदायिक वन संसाधन (Community Forest Resource – CFR) अधिकारों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और प्राकृतिक संसाधनों के सुशासन क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठन ‘Vayam’ के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते पर जिलाधिकारी तथा जिला दंडाधिकारी डॉ. इंदू राणी जाखड और Vayam संस्था के सचिव एवं ट्रस्टी मिलिंद थत्ते ने हस्ताक्षर किए।
ग्रामसभा बनेगी संरक्षण और संवर्धन की मुख्य संस्था अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वनवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 (वन अधिकार कानून) के तहत पात्र गांवों में सामुदायिक वन अधिकार सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति की होती है। इस कानून के तहत वन संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन और प्रबंधन के लिए ग्रामसभा प्रमुख संस्था के रूप में कार्य करती है।
क्षमता निर्माण, तकनीकी सहायता और योजनाओं का समन्वय इस MoU के माध्यम से CFR अधिकारों के सुचारू कार्यान्वयन के लिए विभिन्न स्तरों पर सहयोग किया जाएगा:
- क्षमता निर्माण: संबंधित हितधारकों, CFR प्रबंधन समितियों, उपविभागीय समितियों और विभागीय अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
- तकनीकी सहायता: लंबित और पुनः जांच की आवश्यकता वाले CFR दावों की प्रक्रियाओं के लिए तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा।
- सरकारी योजनाओं का अभिसरण: विभिन्न शासकीय योजनाओं और निधियों के साथ समन्वय (Convergence) स्थापित किया जाएगा।
- मार्गदर्शिका एवं IEC सामग्री: कार्यान्वयन के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल, गाइडबुक और सूचना-शिक्षा-संचार (IEC) सामग्री विकसित की जाएगी।
- समीक्षा और दस्तावेजीकरण: कार्यान्वयन में आने वाली अड़चनों की पहचान, नियमित समीक्षा और प्रगति का पारदर्शी दस्तावेजीकरण किया जाएगा।
आदिवासी और वनवासी समुदायों के सशक्तिकरण की ओर बड़ा कदम इस पहल के माध्यम से पालघर जिले के आदिवासी और पारंपरिक वनवासी समुदायों के सामुदायिक वन अधिकारों को गति मिलने के साथ ही, अधिकारों की मान्यता के बाद प्रबंधन के लिए तकनीकी सहायता और विभागीय समन्वय तंत्र को और अधिक मजबूती मिलेगी। जिला प्रशासन और Vayam के बीच हुआ यह समझौता पालघर में CFR अधिकारों को जिला स्तर पर एक सशक्त और व्यवस्थित रूप देने में मील का पत्थर साबित होगा।
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