रिपोर्टर: तृप्ति प्रमाण ब्यूरो चीफ विनोद प्रसाद (पटना)
बिहार की राजधानी पटना स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम, राजवंशी नगर में स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘जाँच एवं उपचार–चिकित्सा आपके द्वार’ महा-अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के सभी 38 जिलों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए स्वास्थ्य जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह महत्वाकांक्षी अभियान 2 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा।
6 करोड़ बिहारवासियों का बनेगा डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि इस अभियान के तहत राज्य के 6 करोड़ नागरिकों की चरणबद्ध तरीके से हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक नागरिक का एक सुरक्षित ‘डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड’ भी तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य में इलाज कराना बेहद सुलभ हो जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य के जिला अस्पतालों का कायाकल्प हो चुका है और अब वहां 45 प्रकार की जटिल सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
अस्पतालों में बढ़ीं सुविधाएं, रेफरल में आई भारी कमी मुख्यमंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होने से मरीजों को दूसरे बड़े शहरों में रेफर करने के मामलों में भारी कमी आई है। जून महीने में जहां राज्य भर के जिला अस्पतालों में केवल 2,428 ऑपरेशन हुए थे, वहीं बेहतर व्यवस्थाओं के चलते इस महीने यह आंकड़ा बढ़कर 8,000 से अधिक हो गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक आधुनिक व सर्वसुलभ बनाने के लिए जल्द ही ‘मिशन कायाकल्प’ की भी शुरुआत की जाएगी।
जिलाधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के कड़े निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मूल ध्येय समय पर सटीक जाँच, त्वरित उपचार और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बिहार के सभी जिलाधिकारियों (DMs) को इस अभियान की दैनिक स्तर पर निगरानी करने के कड़े निर्देश दिए, ताकि योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।
इस गरिमामयी अवसर पर उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार सहित शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।