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राज्य कर्मचारियों का हल्ला बोल: NPS रद्द करने और पुरानी पेंशन (OPS) बहाली के लिए काला बिल्ला लगाकर किया प्रदर्शन

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रिपोर्टर: तृप्ति प्रमाण ब्यूरो चीफ विनोद प्रसाद (पटना)

बिहार में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने और नई पेंशन योजना (NPS) को रद्द करने की मांग अब और भी मुखर होती जा रही है। मंगलवार को एनएमओपीएस (NMOPS) बिहार और बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) से जुड़े लाखों राज्य कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने प्रदेश भर में ‘काला दिवस’ मनाया। सभी कर्मियों ने अपने कार्यालयों में काला बिल्ला लगाकर कामकाज किया और लंच ब्रेक के दौरान सरकार की पेंशन नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

“नई पेंशन ने सरकारी सेवकों का भविष्य अंधकारमय कर दिया है” इस विरोध प्रदर्शन के दौरान महासंघ (गोप गुट) के महासचिव और NMOPS बिहार टीम के मुख्य संरक्षक प्रेमचंद कुमार सिन्हा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार ने पुरानी पेंशन बंद कर अंशदायी नई पेंशन नीति (NPS) लागू की है, जिससे वर्षों तक निष्ठापूर्वक सेवा करने वाले सरकारी सेवकों का सेवानिवृत्ति के बाद का भविष्य अंधकारमय हो गया है और उनका जीवन यापन पूरी तरह से असुरक्षित हो गया है।”

नेताओं को पुरानी पेंशन और कर्मचारियों को नई, यह कैसी दोरंगी नीति? प्रेमचंद कुमार सिन्हा ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो सरकारी सेवक अपनी पूरी जिंदगी सरकार की सेवा में लगा देते हैं, उन्हें नई पेंशन दी जा रही है। वहीं दूसरी ओर, केवल 5 वर्षों के लिए निर्वाचित होने वाले लोकसभा और विधानसभा के सदस्यों के लिए पुरानी पेंशन की व्यवस्था लागू है। यह स्पष्ट रूप से सरकार की दोरंगी नीति को दर्शाता है।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष कर्मचारी संगठनों ने साफ कर दिया है कि उनका यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक कि राज्य में पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू नहीं कर दिया जाता। महासंघ (गोप गुट), एनएमओपीएस (NMOPS) और स्टेट फोरम अगेंस्ट NPS (बिहार) ने संयुक्त रूप से चेतावनी दी है कि पुरानी पेंशन की बहाली तक उनका यह चरणबद्ध आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।

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Rajesh