कचरा प्रबंधन, झोपड़पट्टी पुनर्विकास, यूसीसी और चुनाव प्रक्रिया सहित कई मुद्दों पर पत्रकार संवाद में रखी अपनी भूमिका
मुंबई।
रिपोर्ट – सैय्यद जाहिद अली रियासत
मानखुर्द-शिवाजीनगर विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष एवं विधायक अबू आसिम आजमी ने सरकार पर सवाल उठाए। शनिवार, 26 सितंबर को मुंबई मराठी पत्रकार संघ में आयोजित पत्रकार एवं मीडिया संवाद कार्यक्रम में आजमी ने कचरा प्रबंधन, स्वास्थ्य, यातायात, झोपड़पट्टी पुनर्विकास, समान नागरिक संहिता और चुनाव प्रक्रिया सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखी।
कचरा प्रबंधन को लेकर सवाल
आजमी ने मानखुर्द-शिवाजीनगर क्षेत्र में कचरा प्रबंधन को लेकर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में कचरा और मानव अवशेष खुले में जलाए जाने से नागरिकों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई के बड़े पैमाने पर निकलने वाले कचरे के प्रबंधन की जिम्मेदारी अडानी समूह को दी जा रही है। आजमी के अनुसार, प्रतिदिन करीब 25 हजार टन कचरे और लगभग 1,200 ट्रकों की आवाजाही से क्षेत्र में यातायात तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका है।
आजमी ने कहा कि स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कचरा प्रबंधन से जुड़े किसी भी निर्णय से पहले उनसे चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग रखी कि प्रस्तावित जमीन का उपयोग केवल कचरा प्रक्रिया के लिए करने के बजाय वहां नागरिकों के लिए घर, अस्पताल, कॉलेज, खेल मैदान और विभिन्न धर्मों के लोगों के लिए प्रार्थना स्थल विकसित किए जाएं।
14 फीट से अधिक ऊंची झोपड़ियों के मुद्दे पर विरोध
मानखुर्द क्षेत्र में क्लस्टर डेवलपमेंट की घोषणा का उल्लेख करते हुए आजमी ने 14 फीट से अधिक ऊंचाई वाली झोपड़ियों पर संभावित कार्रवाई का विरोध किया।
उन्होंने दावा किया कि इन घरों में रहने वाले नागरिकों के पास आवश्यक दस्तावेज हैं और सरकार को उनके घरों पर कार्रवाई करने के बजाय पात्र लोगों को एसआरए योजना में शामिल करने पर विचार करना चाहिए।
आजमी ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी झोपड़ियां अधिकारियों की मदद के बिना बनना संभव नहीं थीं और इस पूरे मामले की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
यूसीसी पर भी रखी भूमिका
समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी के मुद्दे पर भी आजमी ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यूसीसी को लेकर जनता के बीच चर्चा जारी है और समिति से जुड़े एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा इस्तीफा देकर कुछ आरोप लगाए जाने की बात भी कही।
आजमी ने मांग की कि यूसीसी तैयार करने वाली समिति में मुस्लिम कानून की जानकारी रखने वाले व्यक्ति को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने पर उनकी पार्टी इसका विरोध करेगी।
चुनाव आयोग और बैलेट पेपर की मांग
आजमी ने चुनाव आयोग के कामकाज पर भी सवाल उठाते हुए चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराने की मांग की। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए और चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन की बात कही।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी दोहराई। सितंबर 2026 में SIR को लेकर महाराष्ट्र में चुनाव आयोग की कार्रवाइयों को चुनौती देने वाली याचिकाएं बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर होने की खबरें भी सामने आई हैं।
वहीं, 26 सितंबर को सामने आई एक अलग सुप्रीम कोर्ट याचिका में भी CEC ज्ञानेश कुमार से संबंधित SIR निर्णयों पर कार्रवाई की मांग की गई है। यह न्यायिक याचिका है; इसके आरोपों पर अदालत का अंतिम निर्णय अलग विषय है।
आजमी ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन करने वाले राजनीतिक दलों और नेताओं के साथ वह खड़े रहेंगे। उन्होंने ठाकरे बंधुओं द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन का भी उल्लेख किया।
सीजेपी के आंदोलन को समर्थन
पत्रकार संवाद के दौरान आजमी ने चुनाव आयोग से जुड़े आंदोलन और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने वाले आंदोलनकारियों को समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि वे इस तरह के आंदोलन के साथ खड़े रहेंगे।
पत्रकार एवं मीडिया संवाद में अबू आसिम आजमी ने मानखुर्द-शिवाजीनगर के स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ यूसीसी, चुनाव प्रक्रिया, सूखा और आगामी चुनावों सहित विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक विषयों पर अपनी भूमिका रखी और सरकार से इन मुद्दों पर विचार करने की मांग की।
रिपोर्ट – सैय्यद जाहिद अली रियासत
राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक ‘तृप्ति प्रमाण’




