तृप्ति प्रमाण – राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक
पालघर, 8 दिसंबर, 2025:
12 जुलाई, 2025 को जिला नाशिक के कसारा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में, मोखाड़ा पुलिस क्षेत्राधिकार में स्थित वैतरणा बांध के पुल के निकट एक अज्ञात व्यक्ति का शव पाया गया था। खोडाळा तहसील के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण कर पुष्टि की कि शव के दोनों पैर जंगली बेल से बंधे हुए थे। तत्काल प्रभाव से मोखाड़ा पुलिस ने अचानक मृत्यु (ए.एम.) प्रकरण क्रमांक 23/2025 दर्ज किया।
जांच के दौरान मृतक की पहचान शरद कोंडाजी बोडके (31 वर्ष), निवासी मोहाळे, तालुका इगतपुरी, जिला नाशिक के रूप में हुई। पैरों में बंधी बेल के संदिग्ध पहलू को देखते हुए, परिजनों से गहन पूछताछ की गई, जिसके आधार पर 13 अगस्त, 2025 को भारतीय दंड संहिता की धारा 302(1), 201(अ) एवं 201(5) के तहत हत्या का प्रकरण क्रमांक 157/2025 दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख के निर्देशन में स्थानीय अपराध शाखा, पालघर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई जांच दलों का गठन किया। तकनीकी सहायता और गहन पूछताछ के आधार पर घटना की सच्चाई उजागर हुई, और कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी:
संतोष उर्फ अरूण लक्ष्मण धात्रक (36), समर्थ नगर, पंचवटी, नाशिक
शिवराम लक्ष्मण वाघ (29), उंबरडा, त्र्यंबकेश्वर
गोकुळ पांडुरंग बेंडकोळी (29), गडगड सांगवी, इगतपुरी
गणेश बाळू बेंडकोळी (22), गडगड सांगवी
संजय संपत पोटकुले (30), गडगड सांगवी
जांच में पता चला कि शरद कोंडाजी बोडके ने आरोपी संख्या 1 के साथ जमीन संबंधी विवाद के कारण बार-बार धमकियां दी थीं तथा पहले हुई किसी घटना में उसके माता-पिता को पीटा और मामा का पैर तोड़ा था। बदला लेने की भावना से प्रेरित इन आरोपियों ने शराब के बहाने शरद को अपनी कार (MH 15 JW 0807) में बैठाकर जांभुळपाडा के एक सुनसान स्थान पर ले गए, जहां उन्होंने उसे पीट-पीटकर गला घोंटकर हत्या कर दी। शव के पैरों में जंगली बेल बांधकर उसे वैतरणा बांध के पास फेंक दिया गया।
इस संवेदनशील मामले की आगे की जांच मोखाड़ा पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर प्रेमनाथ ढोले द्वारा की जा रही है।
इस सफल कार्रवाई का श्रेय पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख, अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नरळे, उप-विभागीय पुलिस अधिकारी समीर मेहेर तथा पुलिस निरीक्षक प्रदीप पाटील के नेतृत्व में कार्यरत समूची टीम — जिसमें सब-इंस्पेक्टर योगेश शिंदे से लेकर पुलिस अंशकालिक अधिकारी तक — को जाता है।