बरेली: मीरगंज तहसील में कानून का शिकंजा कसते हुए उप-जिलाधिकारी (SDM) निधि शुक्ला ने सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय के आदेश का उल्लंघन कर पक्के तूंदे (सीमा-चिह्न) उखाड़ने और जमीन पर जबरन कब्जे का प्रयास करने वाले चार दबंगों के खिलाफ थाना मीरगंज में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। प्रशासन के इस कड़े कदम से क्षेत्र के अराजक तत्वों और भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा विवाद? मामला ग्राम रईया नगला का है। यहां के निवासी मुबारक हुसैन ने भूमि विवाद को लेकर कानूनी तरीके से तुदाबंदी का मुकदमा दायर किया था। अदालत का फैसला पीड़ित किसान के पक्ष में आने के बाद प्रशासनिक टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में खेत की पैमाइश कर पक्के तूंदे गाड़े गए थे और मेढ़बंदी की गई थी। हालांकि, प्रशासनिक आदेश को धत्ता बताते हुए आरोपी दबंगों ने रातों-रात तूंदे उखाड़ दिए और मेढ़ काटकर जमीन को अपने खेत में मिला लिया। विरोध करने पर पीड़ित किसान को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
जनता दर्शन में पहुंची शिकायत, SDM ने दिए सख्त निर्देश पीड़ित किसान ने एसडीएम निधि शुक्ला के ‘जनता दर्शन’ में पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। न्यायालय के आदेश की अवहेलना और दबंगई के इस मामले को एसडीएम ने अत्यंत गंभीरता से लिया। उन्होंने मौके पर ही पुलिस को चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने के आदेश जारी किए।
प्रशासन के ‘जीरो टॉलरेंस’ रुख की सराहना एसडीएम निधि शुक्ला के कमान संभालने के बाद से ही तहसील क्षेत्र में जनसुनवाई के जरिए त्वरित न्याय मिलने से ग्रामीणों का भरोसा बढ़ा है। भू-माफियाओं और उपद्रवियों के खिलाफ उनके इस ‘जीरो टॉलरेंस’ वाले रुख की स्थानीय जनता जमकर प्रशंसा कर रही है।
(संवाददाता: लादेन मंसूरी)