तृप्ति प्रमाण ब्यूरो चीफ – विनोद प्रसाद
पटना। सासाराम रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह भभुआ-सासाराम-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 53212) की एक बोगी में अचानक आग लग गई। रेलवे प्रशासन और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। रेलवे सूत्रों के अनुसार, इस घटना में किसी भी यात्री के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 6:45 बजे ट्रेन सासाराम से पटना के लिए रवाना होने वाली थी। इसी दौरान जनरल कोच डी-3 के भीतर अचानक जलने की तेज गंध महसूस होने लगी। देखते ही देखते बोगी के अंदर घना धुआं भर गया और नीचे से आग की लपटें दिखाई देने लगीं।
धुआं और लपटें देखकर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कई यात्री खिड़की और दरवाजों के रास्ते प्लेटफॉर्म पर उतरने लगे। इस दौरान कुछ यात्री अपना सामान और बैग बोगी में ही छोड़कर भागने के लिए मजबूर हो गए।
रेलवे टीम और फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया। स्टेशन पर तैनात आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय रेल कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। फायर टेंडरों ने आग पर तेजी से काबू पाया और इसे ट्रेन के अन्य हिस्सों में फैलने से रोक लिया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन के स्टेशन पर खड़े होने के कारण सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आग पर नियंत्रण के बाद जिस बोगी में आग लगी थी, उसे ट्रेन से अलग कर दिया गया। प्रभावित यात्रियों को अन्य कोचों में स्थानांतरित किया गया और ट्रेन की तकनीकी जांच के बाद ही आगे की यात्रा की अनुमति दी गई।
यातायात प्रभावित, देरी से रवाना हुई ट्रेन
बोगी को अलग करने और ट्रैक को क्लियर करने की प्रक्रिया के कारण इंटरसिटी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से कुछ घंटे की देरी से पटना के लिए रवाना हो सकी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।
आग लगने के कारणों की जांच शुरू
शुरुआती जांच और रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट या कोई तकनीकी खराबी माना जा रहा है। हालांकि, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता फॉरेंसिक और तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। जांच जारी है।