विरार:
वसई-विरार शहर की बदहाल सड़कों और खतरनाक गड्ढों से बेहाल आम जनता के बढ़ते गुस्से को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अब आक्रामक रुख अपना लिया है। क्षेत्र में नागरिकों द्वारा भाजपा पार्षदों के खिलाफ लापता होने के पोस्टर (क्या आपने इन्हें देखा है?) लगाए जाने के बाद जनप्रतिनिधि भी सड़कों पर उतर आए हैं।
कीचड़ भरी सड़क पर प्रदर्शन, कार्यदायी संस्था के खिलाफ नारेबाजी
भाजपा पार्षद अशोक शेल्के के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) प्रोजेक्ट के कारण तहस-नहस हुई सड़कों की मरम्मत न होने पर जमकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने सीधे कीचड़ से सराबोर सड़क पर खड़े होकर निर्माण एजेंसी ‘ईगल इंफ्रा’ की लापरवाही के खिलाफ नारेबाजी की और आक्रोश जताते हुए कंपनी का काम रुकवा दिया।
बारिश ने बढ़ाई मुसीबत, दुर्घटनाओं का खतरा चरम पर
भाजपा नेताओं का आरोप है कि एसटीपी परियोजना के नाम पर ठेकेदार कंपनी ने महीनों पहले सड़कें तो खोद दीं, लेकिन उनकी मरम्मत की सुध नहीं ली। अब मानसूनी बारिश की वजह से स्थिति और अधिक भयावह हो चुकी है। जगह-जगह जलभराव और गड्ढों के कारण रोजाना हादसे हो रहे हैं और राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
आंदोलन और तेज करने की दी चेतावनी
‘तृप्ति प्रमाण’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन में वसई-विरार भाजपा जिलाध्यक्ष व नगरसेविका प्रज्ञा पाटिल, नगरसेविका बबीता देवराज सिंह, अभय कक्कड़ समेत कई प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। भाजपा प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि ठेकेदार और संबंधित प्रशासन ने जल्द से जल्द सड़कों का मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया, तो इस आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।