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बोईसर तारापुर MIDC में खुले केमिकल गटर और नालियां बनीं ‘मौत का कुआं’: भारी बारिश के बीच मंडराया बड़ा खतरा, बेजुबान मवेशियों की जा रही जान! |

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बोईसर:

पालघर जिले के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बोईसर तारापुर MIDC से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। इलाके की कई प्रमुख सड़कों के किनारे नालियों और केमिकलयुक्त नालों (कटरा) के ढक्कन खुले पड़े हैं। मानसून के दौरान हो रही मूसलाधार बारिश के चलते ये खुले गटर पानी से पूरी तरह भर गए हैं, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और मवेशियों के लिए जानलेवा स्थिति पैदा हो गई है।

बारिश के पानी में छुपा केमिकलयुक्त ज़हर, बेजुबानों की जा रही जान

स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने उजागर किया है कि बारिश के दौरान इन खुले गड्ढों में रसायनयुक्त गंदा पानी भर जाता है। इलाके में घूमने वाली गायें, भैंसें और अन्य बेजुबान मवेशी इसे साधारण पानी समझकर पी लेते हैं। विषैले केमिकल के संपर्क में आने से कई पशुओं की असमय मौत हो चुकी है। यह न केवल पशुधन का नुकसान है, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरण और जैव विविधता के लिए भी एक बड़ा खतरा बन गया है।

हादसों को न्योता देते ढक्कन-विहीन गटर

सड़कों पर जलजमाव होने की वजह से वाहन चालकों और पैदल चलने वाले राहगीरों को खुले गड्ढों का अंदाज़ा नहीं मिल पाता। कई बार दोपहिया वाहन चालक इन खुले नालों में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। यदि समय रहते इन पर मजबूत ढक्कन नहीं लगाए गए, तो किसी बड़े जनहानि के हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।

प्रशासन और MIDC अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की मांग

‘तृप्ति प्रमाण’ के माध्यम से स्थानीय नागरिकों ने एमआईडीसी (MIDC) प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई है कि खुले नालों पर तत्काल प्रभाव से ढक्कन लगवाए जाएं। साथ ही, क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत कराकर ऐसा स्थायी तंत्र विकसित किया जाए जिससे भविष्य में यह लापरवाही न दोहराई जाए। सुरक्षित सड़कें और स्वच्छ पर्यावरण नागरिकों का बुनियादी अधिकार है।

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Rajesh