विरार:
वसई-विरार क्षेत्र में स्मार्ट बिजली मीटरों की सुरक्षा और महावितरण की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है। विरार पूर्व के सहकार नगर, सीताराम यादव कम्पाउंड स्थित एक चॉल में सोमवार रात करीब 9 बजे एक मकान में लगा स्मार्ट बिजली मीटर अचानक तेज़ धमाके के साथ फट गया और उसमें आग लग गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त कोई व्यक्ति पास में नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, मीटर पूरी तरह जलकर खाक हो चुका है।
बिजली के उतार-चढ़ाव से हुआ ब्लास्ट?
पीड़ित स्थानीय निवासी सतीश निषाद ने बताया कि उनके घर में लगभग एक साल पहले ही महावितरण द्वारा यह नया स्मार्ट मीटर लगाया गया था। सोमवार रात इलाके में लगातार बिजली आ-जा रही थी। बार-बार हो रही ट्रिपिंग और वोल्टेज के उतार-चढ़ाव के बीच अचानक मीटर से तेज़ आवाज़ आई और उसमें आग लग गई। सतीश निषाद ने चिंता जताते हुए सवाल उठाया है कि अगर इसी तरह बिजली का फ्लक्चुएशन होता रहा, तो चॉल जैसी घनी आबादी वाले इलाकों में बड़ा अग्निकांड हो सकता है।
पीड़ित का आरोप: गलती महावितरण की, तो पैसे उपभोक्ता क्यों दे?
घटना के बाद जब पीड़ित ने महावितरण कर्मचारियों से संपर्क किया, तो आरोप है कि कर्मचारी ने मदद करने के बजाय नया मीटर लगाने के लिए अलग से शुल्क (फीस) की मांग कर डाली। इस पर सतीश निषाद और स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। नागरिकों का सीधा सवाल है कि जब मीटर महावितरण की संपत्ति है और हादसा बिजली विभाग की लापरवाही या सप्लाई में खराबी की वजह से हुआ है, तो इसकी आर्थिक भरपाई गरीब उपभोक्ता क्यों करे?
निष्पक्ष जांच और मुफ्त मीटर बदलने की मांग
स्थानीय रहवासियों ने महावितरण से मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि तकनीकी खराबी या वोल्टेज फ्लक्चुएशन के कारण ब्लास्ट हुआ है, तो पीड़ित को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के तुरंत नया मीटर लगाकर दिया जाए।
‘तृप्ति प्रमाण’ से बोले महावितरण अधिकारी
इस पूरे मामले पर महावितरण के अधिकारी ईश्वर भारती ने ‘तृप्ति प्रमाण’ को बताया, “हमें फिलहाल इस घटना की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। यदि ऐसा कोई हादसा हुआ है, तो उसकी तुरंत जांच कराई जाएगी। जांच में यदि कोई तकनीकी फॉल्ट पाया जाता है, तो रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।”