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चूना (कैल्शियम) के स्वास्थ्य लाभ: महिलाओं के लिए प्राकृतिक उपाय – मीना अग्रवाल, नेचुरोपैथी विशेषज्ञ |

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चूना हमारे शरीर में जाकर 70 बीमारियों को ठीक करता है। पीलिया की बीमारी में गेहूँ के दाने के बराबर चूना गन्ने के रस में मिलाकर पिलाइये। लम्बाई बढ़ाने के लिए चूना गेहूँ के दाने के बराबर दाल में लें, इससे याददाश्त भी बढ़ती है और कम बुद्धि वाले बच्चों के लिए भी चूना उपयोगी है। नोट: बच्चों के लिए जो 18 साल से कम हों, यह लम्बाई बढ़ाने में मदद करता है। मासिक चक्कर की दवा है चूना। जिन माताओं की आयु 40-50 वर्ष से अधिक हो गई है और उनका मासिक धर्म बंद हो गया हो, तो उनकी सबसे अच्छी दवा चूना है। मासिक धर्म की स्थिति में 50 वर्ष के बाद जब यह क्रिया बंद होती है, उसके बाद कैल्शियम को पचाने वाले हार्मोन्स शरीर में बनना बंद हो जाते हैं, इसलिए बाहर से कैल्शियम की पूर्ति का विकल्प चूना है। मासिक चक्र बंद होने के बाद चूना अवश्य खाएँ, इससे शरीर में कैल्शियम की

आवश्यकतानुसार पूर्ति होती रहेगी। गर्भावस्था में माताओं को कैल्शियम की पूर्ति के लिए चूना जरूर खाना चाहिए, इसे गेहूँ के दाने के बराबर 1/2 कप अनार के रस में लें। अनार के रस में चूना लेने से माँ को बच्चे के जन्म के समय कोई तकलीफ नहीं होती है और नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बनी रहती है। बच्चा भी तंदुरुस्त होता है, जल्दी बीमार नहीं पड़ता और बहुत होशियार (Intelligent) होता है। यह चूना घुटने का दर्द, कमर दर्द, कंधे का दर्द और रीढ़ की हड्डी की सभी बीमारियाँ ठीक करता है। हड्डी को जोड़ने की ताकत सबसे ज्यादा चूने में है। चूना हमेशा सवेरे खाली पेट ही लें। नोट: जिन लोगों को थायराइड (Thyroid) की बीमारी हो, उनको चूना दोपहर के भोजन (Lunch) में लेना चाहिए, सुबह बिलकुल नहीं। यदि मुँह में ठंडा-गरम पानी लगता है तो चूना खाइए। मुँह में छाले होने पर चूने का पानी पिएँ, तुरंत ठीक हो जाएंगे। खून कम होने या एनीमिया होने पर अनार के रस में चूना अवश्य लेना चाहिए। कभी भी तंबाकू के साथ चूना नहीं खाना चाहिए। पान में केवल चूना हो, कत्था और सुपारी नहीं होनी चाहिए क्योंकि कत्था कैंसर करता है। पान के साथ चूना, सौंफ, इलायची और लौंग मिलाकर खाना चाहिए। सर्दियों में अजवाइन भी ले सकते हैं। साइटिका और घुटने के रिसाव (fluid) में भी चूना फायदा करता है। बाल मजबूत रखने के लिए चूना जरूर लें। अगर आँखों की रोशनी तेज करनी है तो भी चूना खाइए। चूना शरीर का रेजिस्टेंस (Power) बढ़ाता है। पान खाने की परंपरा पूरे भारत में है, जो यहाँ की सभ्यता और संस्कृति से जुड़ी है। भोजन के बाद पान खाना सबसे अच्छा है क्योंकि यह कीटाणुनाशक दवा है। कैल्शियम की कमी से 50 बीमारियाँ शरीर में आ जाती हैं, जैसे हड्डियों और मांसपेशियों की विकृतियाँ है सब आ सकती है। रक्त या कफ बलगम के सारे रोग हो सकते हैं। कैल्शियम होते ही अन्य पोषक तत्व भी काम करने लगते हैं। सबसे ज्यादा कैल्शियम दूध में है, उसके बाद दही, मट्ठा, छाछ, मक्खन और घी में भरपूर कैल्शियम होता है। 40 से 45 वर्षों तक शरीर की बायोकेमिस्ट्री के हिसाब से कैल्शियम मिलता है। चूना हमेशा गेहूँ के दाने के बराबर ही लें। इसे दही, छाछ या दाल के साथ ले सकते हैं, लेकिन दूध के साथ कभी नहीं। पुरुषों को 40 की उम्र के बाद इसे जरूर लेना चाहिए। जिन्हें दिन भर नींद आती है या हाथ-पैर सुन्न होते हैं, वे भी चूना जरूर खाएँ। स्तन विकसित करने के लिए, जोड़ों के दर्द के लिए, आँखों की रोशनी और हड्डियों की कमजोरी के लिए चूना बहुत अच्छा है। यह बाल झड़ने से रोकने और दाँत की बीमारियों में भी बहुत उपयोगी है। यदि हड्डियों में आवाज आती है, तो चूने के पानी का सेवन बहुत लाभकारी होता है। चूने को हमेशा गेहूँ के दाने के बराबर ही लें, इससे ज्यादा बिलकुल नहीं। चूने की जानकारी पढ़ें और लाभ उठाएँ।

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Rajesh