परिवार और विश्वकर्मा समाज ने जौनपुर कलेक्ट्रेट में शुरू किया प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
जौनपुर। खुटहन थाना क्षेत्र के मुजक्कीपुर गांव निवासी दीपक विश्वकर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर परिजनों और विश्वकर्मा समाज के लोगों ने जौनपुर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सहायता एवं सुरक्षा देने की मांग उठाई है।
उपलब्ध पूर्व रिपोर्टों के अनुसार, दीपक विश्वकर्मा 30 अगस्त को लापता हुए थे और 1 सितंबर को उनका शव गांव के पास खेत में मिला था। इसके बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी और बाद में एक आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना भी सामने आई थी।
परिवार का आरोप—अब तक नहीं मिला न्याय
धरने पर बैठे परिजनों का कहना है कि घटना को करीब एक महीना बीत जाने के बावजूद उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिला है। परिवार का आरोप है कि मामले में सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने पहले भी संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद अब समाज के लोगों के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
धरने पर बैठे लोगों ने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं—
- मामले में शामिल सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी।
- पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सुरक्षा।
- मामले की निष्पक्ष जांच।
परिवार और प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
विश्वकर्मा समाज के लोगों की मौजूदगी
धरने में विश्वकर्मा समाज से जुड़े कई लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, पीड़ित परिवार और ग्रामीण मौजूद रहे। इनमें अजय विश्वकर्मा, सपा नेता राजेश विश्वकर्मा, देव दूत विश्वकर्मा भारत सेना के संस्थापक दीपक विश्वकर्मा, श्री विश्वकर्मा चैरिटेबल ट्रस्ट रेड ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष विनोद विश्वकर्मा, राहुल विश्वकर्मा और सामाजिक कार्यकर्ता शिवा विश्वकर्मा सहित अन्य लोग शामिल रहे।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले में जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
तृप्ति प्रमाण




