आगरा, 19 जनवरी 2026:
मटर एक साधारण-सी दिखने वाली सब्ज़ी है, लेकिन इसके पोषक गुण इसे असाधारण बना देते हैं। सर्दियों के मौसम में उपलब्ध हरी मटर को शरीर के लिए प्राकृतिक टॉनिक माना जाता है। आधुनिक पोषण विज्ञान भी मटर को संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और कई बीमारियों से बचाव में सहायक होते हैं।
हरी मटर में भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र के लिए अत्यंत लाभकारी है। आज की जीवनशैली में कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। मटर का नियमित सेवन आंतों की सफाई करता है, मल को नरम बनाता है और पेट को हल्का रखता है। जिन लोगों को अक्सर गैस या पेट फूलने की शिकायत रहती है, उनके लिए मटर एक प्राकृतिक समाधान हो सकती है।
मटर शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत है। यह शरीर को आवश्यक अमीनो एसिड प्रदान करती है, जो मांसपेशियों की मजबूती, ऊतकों की मरम्मत और ऊर्जा बनाए रखने में सहायता करते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोरी महसूस करने वाले व्यक्तियों के लिए इसका सेवन विशेष रूप से लाभदायक है।
विटामिन C की उपस्थिति के कारण मटर इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करती है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है और सर्दी-खांसी, संक्रमण व मौसमी बीमारियों से बचाव में सहायक होती है। बदलते मौसम में मटर को भोजन में शामिल करने से शरीर बाहरी संक्रमणों से बेहतर तरीके से लड़ पाता है।
इसके अलावा, मटर में विटामिन K भी पाया जाता है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। यह कैल्शियम के अवशोषण में सहायता करता है और हड्डियों को मजबूत बनाता है। बढ़ती उम्र में होने वाली हड्डियों की कमजोरी, जोड़ों के दर्द और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं में मटर का सेवन लाभकारी हो सकता है।
एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण मटर शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाती है। ये तत्व कोशिकाओं की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। नियमित रूप से मटर खाने से त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है और समय से पहले झुर्रियां पड़ने की संभावना कम होती है।
मटर में आयरन की अच्छी मात्रा होती है, जो एनीमिया (खून की कमी) से बचाव में सहायक है। आयरन हीमोग्लोबिन के निर्माण में आवश्यक होता है, जिससे शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन सही मात्रा में पहुंचती है। यह विशेष रूप से महिलाओं और किशोरों के लिए फायदेमंद है।
पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज तत्व मटर को हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी बनाते हैं। ये रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद करते हैं और हृदय पर पड़ने वाले दबाव को कम करते हैं। इससे हृदय रोगों का जोखिम घट सकता है। साथ ही, ये तत्व मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र के सही कार्य में भी सहायता करते हैं।
मटर का एक अन्य महत्वपूर्ण लाभ यह है कि यह वजन प्रबंधन में सहायता करती है। इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और अनावश्यक भूख कम लगती है। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए मटर एक आदर्श सब्ज़ी है।
मटर केवल स्वाद बढ़ाने वाली सब्ज़ी नहीं है, बल्कि यह शरीर की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने वाला प्राकृतिक संसाधन है। यदि मौसम में मिलने वाली इस सब्ज़ी को नज़रअंदाज़ किया जाए, तो शरीर कई जरूरी पोषक तत्वों से वंचित रह सकता है। इसलिए, जब भी मटर का मौसम हो, इसे दाल, सब्ज़ी, पुलाव या सूप के रूप में अपने आहार में अवश्य शामिल करना चाहिए, ताकि शरीर स्वस्थ, मजबूत और ऊर्जावान बना रहे।
— डॉ. मीना अग्रवाल, नेचुरोपैथी, आगरा