वसई

रियल एस्टेट सेक्टर में खलबली: सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद वसई-विरार में ‘एवरशाइन बिल्डर्स’ के प्रोजेक्ट्स पर लगी रोक |

वसई: महाराष्ट्र के वसई-विरार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य कर रहे रियल एस्टेट दिग्गजों को एक बड़ा कानूनी झटका लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन से जुड़े एक गंभीर मामले पर सुनवाई करते हुए एवरशाइन बिल्डर्स की कई प्रमुख निर्माण परियोजनाओं पर यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का अंतरिम आदेश जारी किया है।

सुप्रीम कोर्ट का डंडा चलते ही VVMC ने जारी किया ‘स्टॉप वर्क’ नोटिस

सर्वोच्च न्यायालय के इस सख्त आदेश के तुरंत बाद वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVMC) प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। महापालिका ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित डेवलपर्स को ‘स्टॉप वर्क’ (काम रोकने) का आधिकारिक नोटिस थमा दिया है। इस आदेश के तहत एवरशाइन बिल्डर्स और अन्य संबंधित परियोजनाओं के सभी निर्माण कार्यों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्लोबल सिटी के इन एवेन्यू और बड़े प्रोजेक्ट्स पर पड़ेगा असर

आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह दंडात्मक कार्रवाई विशेष रूप से क्षेत्र के पॉश इलाके ‘ग्लोबल सिटी’ में चल रहे प्रोजेक्ट्स पर हुई है। इनमें निम्नलिखित स्थान और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स मुख्य रूप से प्रभावित हुए हैं:

  • प्रभावित क्षेत्र: ग्लोबल सिटी के एवेन्यू D-2, एवेन्यू K-1, एवेन्यू P-2 और एवेन्यू CFC-8।
  • प्रभावित परियोजनाएं: कॉसमॉस सेरेनिटी (Cosmos Serenity), पूनम एवरा (Poonam Evra) और एवरशाइन के अंतर्गत आने वाले अन्य निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स।

क्या है पूरा मामला और कब होगी अगली सुनवाई?

यह पूरा विवाद आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरी (Environment Clearance) न होने के मुद्दे को लेकर कोर्ट पहुँचा था। नियमों की अनदेखी के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि जब तक इस मामले की पूरी जांच और अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक क्षेत्र में किसी भी तरह की नई कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी नहीं की जाएगी। अदालत ने इस मामले की अगली अहम सुनवाई 24 अगस्त 2026 को तय की है, तब तक रोक बरकरार रहेगी।

खरीदारों और निवेशकों की बढ़ी धड़कनें

सुप्रीम कोर्ट के इस अचानक आए फैसले से पूरे वसई-विरार के रियल एस्टेट बाजार में हड़कंप मच गया है। इस रोक के कारण संबंधित बिल्डरों के साथ-साथ उन सैकड़ों निवेशकों और फ्लैट खरीदारों (Homebuyers) के बीच गहरी चिंता की लहर दौड़ गई है, जिन्होंने अपनी जीवनभर की गाढ़ी कमाई इन प्रोजेक्ट्स में लगा रखी है। अब सभी हितधारकों की निगाहें आगामी 24 अगस्त को होने वाली कोर्ट की सुनवाई और उस पर आने वाले फैसले पर टिकी हुई हैं।

Sanjay Jaiswal

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