चलने, दौड़ने, चीजें उठाने और मुस्कुराने तक में मांसपेशियों की अहम भूमिका; नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद से रखें इनका ध्यान
लेखिका: मीना अग्रवाल | नेचुरोपैथी विशेषज्ञ, आगरा
हमारा शरीर हर दिन कई तरह की गतिविधियां करता है। चलना, दौड़ना, सीढ़ियां चढ़ना, कोई वस्तु उठाना और मुस्कुराना—इन सभी कामों में मांसपेशियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मांसपेशियां शरीर को गति देने के साथ शरीर की मुद्रा बनाए रखने और कई जरूरी आंतरिक प्रक्रियाओं में भी मदद करती हैं।
इंसानी शरीर में आम तौर पर लगभग 600 से अधिक मांसपेशियां होती हैं। इनकी संख्या गिनने के तरीके के अनुसार अलग-अलग बताई जा सकती है। मांसपेशियां शरीर के वजन का एक बड़ा हिस्सा बनाती हैं और हमारी रोजमर्रा की गतिविधियों को संभव बनाती हैं।
1. मांसपेशियां कितने प्रकार की होती हैं?
हमारे शरीर में मांसपेशियों के तीन प्रमुख प्रकार होते हैं।
कंकाल मांसपेशियां: ये हड्डियों से जुड़ी होती हैं। इनकी मदद से हम चल सकते हैं, दौड़ सकते हैं, हाथ उठा सकते हैं और चीजें पकड़ सकते हैं। इनमें से ज्यादातर गतिविधियां हमारी इच्छा के अनुसार होती हैं।
हृदय की मांसपेशी: यह केवल हृदय में पाई जाती है। यह लगातार काम करके शरीर में रक्त पंप करने में मदद करती है।
चिकनी मांसपेशियां: ये आंतों, पेट और रक्त वाहिकाओं जैसे आंतरिक अंगों में होती हैं। ये भोजन को पाचन तंत्र में आगे बढ़ाने और रक्त वाहिकाओं के फैलने-सिकुड़ने जैसी अनैच्छिक प्रक्रियाओं में मदद करती हैं।
2. मांसपेशियां काम कैसे करती हैं?
मांसपेशियों के काम करने की प्रक्रिया को आसान भाषा में तीन चरणों में समझ सकते हैं।
मस्तिष्क से संदेश: जब हम हाथ उठाने या चलने का फैसला करते हैं, तो मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र मांसपेशियों तक संकेत पहुंचाते हैं।
मांसपेशियों का सिकुड़ना: मांसपेशियों के भीतर एक्टिन और मायोसिन नामक प्रोटीन काम करते हैं। इनके आपसी तालमेल से मांसपेशी में संकुचन होता है।
शरीर में गति: मांसपेशियां हड्डियों को खींचती हैं और जोड़ों के साथ मिलकर शरीर को गति देती हैं। इसी तरह हम उठने-बैठने, चलने और चीजें पकड़ने जैसे काम कर पाते हैं।
3. शरीर की सबसे मजबूत मांसपेशी कौन-सी है?
इस सवाल का जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि मांसपेशी की ताकत किस आधार पर मापी जा रही है।
जबड़े की मांसपेशी (मैसेटर): यह खाना चबाते समय जबड़े को बंद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जांघ की मांसपेशियां (क्वाड्रिसेप्स): ये घुटने को सीधा करने, चलने, दौड़ने और सीढ़ियां चढ़ने में मदद करती हैं।
कूल्हे की प्रमुख मांसपेशी (ग्लूटियस मैक्सिमस): यह खड़े होने, सीढ़ियां चढ़ने और शरीर को आगे बढ़ाने जैसी गतिविधियों में सहायक होती है।
इसलिए किसी एक मांसपेशी को हर परिस्थिति में सबसे मजबूत कहना सही नहीं है। हर मांसपेशी की अपनी विशेष भूमिका होती है।
4. मुस्कुराने में भी मांसपेशियां काम करती हैं
हमारे चेहरे पर खुशी, आश्चर्य, दुख और अन्य भाव दिखाने में कई मांसपेशियां मिलकर काम करती हैं। मुस्कुराते समय चेहरे की कुछ मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। इसी तरह बोलने, भौंहें उठाने और आंखें बंद करने में भी मांसपेशियों तथा तंत्रिका तंत्र का तालमेल जरूरी होता है।
यह हमें बताता है कि शरीर की छोटी-छोटी गतिविधियों के पीछे भी एक व्यवस्थित प्रक्रिया काम करती है।
5. मांसपेशियों से जुड़े कुछ जरूरी तथ्य
व्यायाम से ताकत बढ़ती है: नियमित शक्ति प्रशिक्षण से मांसपेशियों की ताकत बढ़ सकती है। उचित प्रशिक्षण से मांसपेशियों का आकार भी बढ़ सकता है।
मांसपेशियों को ऊर्जा चाहिए: काम करने के लिए मांसपेशियों को ऊर्जा की आवश्यकता होती है। तेज व्यायाम के दौरान शरीर की ऊर्जा और ऑक्सीजन की मांग बढ़ जाती है। इस कारण सांस और हृदय गति तेज हो सकती है।
उम्र के साथ देखभाल जरूरी है: उम्र बढ़ने या लंबे समय तक शारीरिक गतिविधि कम रहने से मांसपेशियों की ताकत और आकार घट सकते हैं। नियमित व्यायाम, पर्याप्त प्रोटीन और संतुलित भोजन इन्हें स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।
मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
1. नियमित शारीरिक गतिविधि करें: अपनी क्षमता के अनुसार पैदल चलें और सप्ताह में नियमित रूप से मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम करें।
2. संतुलित भोजन लें: दाल, दूध-दही, अंडे, सोयाबीन, मछली या अन्य उपयुक्त प्रोटीन स्रोतों के साथ फल, सब्जियां, साबुत अनाज और स्वस्थ वसा को भोजन में शामिल करें।
3. पर्याप्त नींद लें: अच्छी नींद शरीर की रिकवरी और मांसपेशियों के स्वास्थ्य में मदद करती है।
4. पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं: शरीर की जरूरत के अनुसार पानी पिएं। गर्मी और व्यायाम के दौरान पानी की आवश्यकता बढ़ सकती है।
5. व्यायाम धीरे-धीरे बढ़ाएं: शुरुआत में हल्की गतिविधियों से शुरू करें और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम की तीव्रता बढ़ाएं। सही तकनीक अपनाना भी जरूरी है।
स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सावधानी
यदि व्यायाम करते समय तेज दर्द, सीने में दर्द, असामान्य सांस फूलना या चक्कर आने जैसे लक्षण हों, तो गतिविधि रोकें और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। पहले से कोई बीमारी, चोट या शारीरिक परेशानी होने पर नया व्यायाम कार्यक्रम शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।
याद रखें, मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए केवल व्यायाम ही नहीं, बल्कि संतुलित पोषण, पर्याप्त आराम और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी हैं। छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव लंबे समय तक शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकते हैं।
Health is Wealth
मीना अग्रवाल
नेचुरोपैथी विशेषज्ञ, आगरा




