सांसद डॉ. हेमंत सवरा ने कृषि निवेश, महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और डिजिटल सेवाओं की सुलभता को बताया सतत विकास की कुंजी
पालघर | रिपोर्टर: तृप्ति प्रमाण
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 19 अक्टूबर 2026 को आयोजित महासभा की दूसरी समिति और आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) की संयुक्त बैठक में भारत ने खाद्य सुरक्षा, महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं की उपलब्धता को विकास की प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में प्रस्तुत किया। इस दौरान पालघर लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. हेमंत विष्णु सवरा ने भारत का पक्ष रखते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में निवेश का सीधा प्रभाव आम नागरिकों की आजीविका, आर्थिक स्थिरता और जलवायु संबंधी चुनौतियों से निपटने की क्षमता पर पड़ता है।
कृषि निवेश और पोषण सुरक्षा पर जोर
बैठक में भारत ने कहा कि कृषि क्षेत्र में निवेश का लाभ छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंचना चाहिए। इससे किसानों की आय बढ़ाने, सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन किफायती दरों पर उपलब्ध कराने और जलवायु तथा बाजार में होने वाले बदलावों से निपटने में मदद मिल सकती है।
भारत ने विकासशील देशों को कृषि तकनीक, मौसम संबंधी जानकारी और परामर्श सेवाएं सुलभ कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता भी रेखांकित की।
पोषण सुरक्षा के संदर्भ में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना का उल्लेख किया गया। इस योजना के तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में बच्चों को पका हुआ पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही मोटे अनाज यानी मिलेट्स को बढ़ावा देने की पहल को पारंपरिक, पौष्टिक और जलवायु के अनुकूल कृषि का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया गया।
भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में सार्वजनिक खाद्यान्न भंडारण के मुद्दे पर स्थायी समाधान की आवश्यकता दोहराई, ताकि विकासशील देश जरूरतमंद वर्गों को सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने वाली योजनाएं जारी रख सकें।
महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता
बैठक में भारत ने महिला-केंद्रित विकास और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। भारत के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा गया कि बैंक खाते, डिजिटल पहचान और मोबाइल कनेक्टिविटी को एक साथ जोड़ने से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिली है।
महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को मजबूत बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों, छोटे उद्यमों और महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई। इससे महिलाओं के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने के साथ उनकी आर्थिक स्वतंत्रता को भी मजबूती मिल सकती है।
डिजिटल सार्वजनिक ढांचे में निवेश जरूरी
भारत ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को विकास क्षमता बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण निवेश बताया। साझा और परस्पर जुड़ी डिजिटल प्रणालियों से सरकारी सेवाओं की पहुंच और वितरण में सुधार किया जा सकता है तथा विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
विशेष रूप से महिलाओं और ग्रामीण समुदायों के लिए सस्ती इंटरनेट कनेक्टिविटी, डिजिटल साक्षरता और सुरक्षित डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मजबूत होगा सतत विकास
भारत ने कहा कि राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत वित्तीय संसाधनों, तकनीक और क्षमता निर्माण को एक साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है। भारत दक्षिण-दक्षिण सहयोग के माध्यम से अन्य विकासशील देशों के साथ अपने विकास अनुभव साझा करता रहेगा।
सांसद डॉ. हेमंत विष्णु सवरा ने भारत का पक्ष रखते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर वित्तीय सहयोग का उद्देश्य ऐसा विकास सुनिश्चित करना होना चाहिए, जिसका लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे, उनकी चुनौतियों से निपटने की क्षमता मजबूत हो और भविष्य के लिए टिकाऊ आर्थिक अवसर तैयार हों।
स्रोत: सांसद डॉ. हेमंत विष्णु सवरा, संपर्क कार्यालय, पालघर लोकसभा क्षेत्र।




