विरार में फर्जी सीसी और अवैध निर्माण के जरिए फ्लैट बिक्री का आरोप; चर्चित बिल्डर विशाल पाटील गिरफ्तार |

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नारंगी स्थित ध्रुवी हाइट्स-2 इमारत का मामला; तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज, गिरफ्तार आरोपी को 29 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत

विरार | रिपोर्टर: तृप्ति प्रमाण

विरार पूर्व के नारंगी स्थित ध्रुवी हाइट्स-2 इमारत में कथित अवैध निर्माण और फर्जी पूर्णता प्रमाणपत्र (सीसी) के आधार पर फ्लैटों की बिक्री कर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में विरार पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। दर्ज मामले में नामजद बिल्डर विशाल विनायक पाटील को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी को 29 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। मामले की जांच मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की क्राइम यूनिट-2 (गुन्हे शाखा) कर रही है।

फर्जी सीसी के आधार पर फ्लैट बेचने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, नारंगी स्थित ध्रुवी हाइट्स-2 इमारत के निर्माण और उससे संबंधित दस्तावेजों में कथित अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि फर्जी पूर्णता प्रमाणपत्र तैयार कर इमारत में बने फ्लैटों की बिक्री की गई, जिससे फ्लैट खरीदारों के साथ धोखाधड़ी हुई।

अब पुलिस निर्माण की अनुमति, पूर्णता प्रमाणपत्रों की सत्यता और फ्लैटों की बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इमारत के निर्माण और फ्लैटों की बिक्री के दौरान किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था।

तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस रिकॉर्ड में विशाल विनायक पाटील, कमलेश महादेव पाटील और राजकुमार भारती के नाम आरोपियों के रूप में दर्ज हैं। विरार पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5), 318(4), 337, 338 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम 6 बजकर 28 मिनट पर FIR दर्ज की गई, जबकि विशाल विनायक पाटील को उसी रात 8 बजकर 57 मिनट पर गिरफ्तार किया गया।

क्राइम यूनिट-2 कर रही गहन जांच

मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की क्राइम यूनिट-2 के पुलिस निरीक्षक नितिन पाटील के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी को 29 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत मिली है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

जांच के दौरान कथित फर्जी सीसी प्रमाणपत्र, निर्माण की वैधता और फ्लैटों की बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।

फ्लैट खरीदारों के हितों पर उठे सवाल

इस मामले ने विरार के निर्माण क्षेत्र में भवन निर्माण की अनुमति, पूर्णता प्रमाणपत्र और फ्लैट बिक्री की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं में किन लोगों की क्या भूमिका थी और फ्लैट खरीदारों के साथ धोखाधड़ी के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

फिलहाल, आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही हो सकेगी। FIR दर्ज होना अपने आप में आरोपों को साबित नहीं करता।

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