जौनपुर ब्यूरो: दिलीप कुमार ( तृप्ति प्रमाण)
जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े और संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विशेष अभियान ‘Cy-Vajra’ के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹92,000 की नकदी, 10 फर्जी आधार कार्ड और 2 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अब इस गिरोह के फरार मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
स्टेशन ओवरब्रिज के नीचे घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह बड़ी कामयाबी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह के कुशल निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव और क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता की निगरानी में मिली है। गुरुवार सुबह साइबर सेल की टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य जिला छोड़कर भागने की योजना बना रहे हैं। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए सिटी रेलवे स्टेशन ओवरब्रिज के नीचे घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी आधार कार्ड के जरिए बैंकों में खुलवाते थे खाते
पुलिस की कड़ी पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपने काले कारनामों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अपनी असली पहचान छिपाने और बैंकों में फर्जी खाते खुलवाने के लिए वे नकली आधार कार्ड तैयार करते थे। इन फर्जी खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी के पैसों को मंगाने के लिए किया जाता था। गिरोह का मुख्य सरगना दीपेश उर्फ दीपू ठगी गई रकम को इन खातों में ट्रांसफर करता था, जिसके बाद ये आरोपी एटीएम के जरिए नकदी निकालते थे। इस काम के बदले उन्हें कुल रकम का 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था, जबकि 80 प्रतिशत हिस्सा सरगना अपने पास रखता था।
फरार मास्टरमाइंड की तलाश और पुलिस की छापेमारी जारी
पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस को इस गिरोह के कई अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए साइबर सेल की टीम जगह-जगवे छापेमारी कर रही है। पुलिस का दावा है कि फरार मास्टरमाइंड दीपेश उर्फ दीपू को भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
साइबर सेल की नागरिकों से सुरक्षित रहने की अपील
इस बड़ी कार्रवाई के बाद जौनपुर साइबर पुलिस ने जनता को जागरूक करते हुए अपील की है कि वे अपनी निजी जानकारियां जैसे एटीएम कार्ड, बैंक खाता विवरण, ओटीपी या अपना पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) कभी भी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। shirazehind.com भी अपने पाठकों से हमेशा सतर्क और सुरक्षित रहने का आग्रह करता है।