उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में बिजली विभाग की एक बेहद हैरान करने वाली लापरवाही सामने आई है। सरायख्वाजा स्थित देवकली विद्युत उपकेंद्र के परसनी फीडर से जुड़े देवकली गांव में पिछले दो सप्ताह से जला पड़ा ट्रांसफार्मर जब बदला भी गया, तो उसकी जगह दूसरा खराब और लीकेज वाला ट्रांसफार्मर लगा दिया गया। नतीजतन, दो गांवों के दर्जनों घरों में आज भी अंधेरा कायम है और किसानों की फसलों की सिंचाई पूरी तरह ठप पड़ी है।
कागज और कपड़े से कसा था लीकेज ट्रांसफार्मर जानकारी के अनुसार, देवकली गांव में स्वर्गीय रामदास यादव (एडवोकेट) के आवास के पास स्थित ट्रांसफार्मर दो सप्ताह पूर्व जल गया था। इससे देवकली, सैदपुर और गड़ऊर गांव के लगभग दो दर्जन से अधिक घरों की बत्ती गुल हो गई। स्थानीय निवासियों—नीरज श्रीवास्तव, शशिकांत मिश्रा, लालचंद यादव, लालजी त्रिपाठी और अवधेश मिश्रा—ने इसकी शिकायत तुरंत ऑनलाइन दर्ज कराई।
करीब 10 दिन के लंबे इंतजार के बाद विभाग द्वारा एक ट्रांसफार्मर भेजा गया, जिसे दो दिन पहले स्थापित किया गया। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि इस ट्रांसफार्मर में पहले से छिद्र (लीकेज) था, जिसे विभाग ने कागज और कपड़े से बंद कर रखा था। जैसे ही ट्रांसफार्मर गर्म हुआ, उसमें से तेल रिसने लगा।
फटने के डर से लाइनमैन ने नहीं जोड़ा कनेक्शन जब ग्रामीणों ने लाइनमैन से कनेक्शन जोड़ने का अनुरोध किया, तो उसने साफ मना करते हुए कहा कि ट्रांसफार्मर का तेल लगातार बह रहा है और बिजली का तार जोड़ते ही यह ब्लास्ट हो सकता है। जब इसकी सूचना जिम्मेदार अधिकारियों को दी गई, तो उन्होंने कोई समाधान निकालने के बजाय मामले की अनदेखी कर दी। विभाग की इस घोर लापरवाही के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।
मुख्यमंत्री से शिकायत और उग्र आंदोलन की चेतावनी बिजली आपूर्ति ठप होने से सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ रही है, जिनकी सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ही नया और सही ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया, तो वे उच्च अधिकारियों का घेराव करेंगे और खराब ट्रांसफार्मर लगाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की सीधी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे।
(संवाददाता: शंभू, जौनपुर)