बीएमसी प्रशासन और मेयर पर साधा निशाना
मुंबई महानगरपालिका में मेयर (महापौर) के आधिकारिक आवास के नवीनीकरण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। बीएमसी की विपक्षी नेता किशोरी पेडणेकर ने मेयर के फैसलों और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि जब महानगरपालिका के नियमों के अनुसार किसी भी टेंडर को रद्द करने की शक्ति मेयर के पास नहीं है, तो फिर उन्होंने किस हैसियत से 2.89 करोड़ रुपये के टेंडर को निरस्त करने की घोषणा की?
टैक्सपेयर्स के पैसों की बर्बादी का आरोप
मीडियाकर्मियों से रूबरू होते हुए किशोरी पेडणेकर ने कहा कि भायखला स्थित चिड़ियाघर परिसर में मौजूद मेयर का बंगला हेरिटेज श्रेणी में आता है, जिसका मेंटेनेंस नियमित होता है। लेकिन इस बार जीर्णोद्धार के नाम पर मुंबई की जनता के टैक्स के पैसों की जमकर बर्बादी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नई लग्जरी गाड़ी, पीए का मानदेय और अब करीब 3 करोड़ रुपये के नवीनीकरण टेंडर जैसे मुद्दों ने जनता के बीच आक्रोश बढ़ा दिया है।
“नियमों को दरकिनार कर रही हैं मेयर”
विपक्षी नेता ने कहा कि टेंडर जारी करना या उसे रद्द करना पूरी तरह से प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसे में प्रशासन की जगह खुद मेयर का सामने आकर सफाई देना और टेंडर निरस्त करने का ऐलान करना समझ से परे है। उन्होंने मेयर को सलाह देते हुए कहा कि मेयर किसी एक दल की नहीं बल्कि पूरी मुंबई की होती हैं, इसलिए उन्हें सदन के सभी पार्टी नेताओं को विश्वास में लेकर फैसले करने चाहिए।