जौनपुर। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी श्री सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मतदेय स्थलों के सम्भाजन एवं पुनरीक्षण को लेकर एक अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा सामान्य निर्वाचन की तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
1200 मतदाताओं के मानक पर होगा सम्भाजन
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार अब मतदेय स्थलों का सम्भाजन प्रति 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर किया जाएगा। इस कार्य की पूरी समय-सारिणी भी निर्धारित कर दी गई है। 29 जून से 01 जुलाई तक राजनैतिक दलों के साथ विचार-विमर्श कर प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। 04 जुलाई 2026 को मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची प्रकाशित की जाएगी।
भौतिक सत्यापन अनिवार्य
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदेय स्थलों का निर्धारण शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन के बाद किया जाएगा। भवन के सत्यापन के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि उस मतदेय स्थल की निर्वाचक नामावली में अंकित मतदाताओं का निवास उस भवन के आस-पास भौतिक रूप से हो।
शहरी क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था
शहरी क्षेत्रों में ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज एवं बहुमंजिली भवनों में यदि भूतल पर सामुदायिक हॉल उपलब्ध है, तो वहीं मतदेय स्थल बनाए जाएंगे। नई आवासीय कालोनियों में भी यथावश्यकता नए मतदेय स्थल स्थापित किए जाएंगे। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि एक ही परिवार के सभी सदस्य समान अनुभाग एवं समान स्थान पर रखे जाएं।
जर्जर भवनों का होगा स्थानांतरण
अत्यधिक पुराने और जर्जर भवन वाले मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र के अंतर्गत उपलब्ध स्थायी भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। अस्थायी निर्माण वाले मतदेय स्थलों को भी स्थायी भवनों में शिफ्ट किया जाएगा। ऐसे मतदेय स्थल जो मुख्य गाँव या बस्ती से पर्याप्त दूरी पर हैं, उन्हें सुविधाजनक भवन में स्थापित किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मतदेय स्थल की दूरी लगभग 02 किलोमीटर से अधिक न हो।
दिव्यांगजनों और मतदाताओं की सुविधा
दिव्यांगजनों और अशक्त मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक मतदेय स्थल पर रैम्प की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। सभी मतदेय स्थल भवनों के यथासंभव भूतल पर होने का ध्यान रखा जाएगा। किसी भी राजनैतिक दल या लेबर यूनियन के कार्यालय से 200 मीटर के अंदर कोई भी मतदेय स्थल नहीं बनाया जाएगा।
निजी और राजनैतिक भवनों से होंगे हटाए
यदि कोई मतदेय स्थल निजी भवन, दुकान, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, व्यक्तिगत सामुदायिक केंद्र, विवाह घर अथवा ऐसे भवन में है जिसका स्वामित्व किसी राजनैतिक व्यक्ति के पास है, तो ऐसे मतदेय स्थलों के लिए विकल्प तलाश कर उन्हें शासकीय भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा।
शिकायतों का निस्तारण
जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि वर्तमान में स्थापित मतदेय स्थलों के संबंध में यदि कोई आपत्ति या सुझाव हो, तो उसे लिखित रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। मतदेय स्थलों के संबंध में राजनैतिक दलों से प्राप्त सभी शिकायतों एवं सुझावों की सम्यक् रूप से जांच की जाएगी और उन्हें उपयुक्त उत्तर देते हुए निपटाया जाएगा।
इस बैठक में समस्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
(जौनपुर से दिलीप कुमार की रिपोर्ट)