उत्तर प्रदेश

जौनपुर: शाहगंज के प्राइवेट हॉस्पिटल में 3 साल के बच्चे की थम गईं सांसें, परिजनों का आरोप- बुखार में दिया सर्पदंश का इलाज

रिपोर्ट: दिलीप कुमार (ब्यूरो चीफ)

न्यूज़ पोर्टल: तृप्ति प्रमाण

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के शाहगंज क्षेत्र से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। यहाँ एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराए गए 3 वर्षीय मासूम बच्चे की उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर बच्चे का शव रखकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया और चिकित्सकों पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।

तेज बुखार या सर्पदंश? परिजनों और अस्पताल के दावों में उलझी गुत्थी

पीड़ित परिवार के सदस्यों का कहना है कि मासूम को बहुत तेज बुखार था, जिसके इलाज के लिए उसे अस्पताल लाया गया था। हालांकि, डॉक्टरों ने बिना किसी ठोस जांच के सांप डसने की आशंका जताई और उसी के अनुसार दवाएं देना शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि गलत दिशा में किए गए इलाज और समय रहते सही देखभाल न मिलने की वजह से बच्चे की जान चली गई।

दूसरी तरफ, अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बच्चे में सांप काटने से जुड़े लक्षण नजर आ रहे थे, जिसके आधार पर ही उपचार प्रक्रिया शुरू की गई थी। स्थिति अधिक गंभीर होने पर मरीज को उच्च स्वास्थ्य केंद्र (हायर सेंटर) के लिए संदर्भित (Refer) कर दिया गया था, परंतु इस दौरान मासूम की मौत हो गई।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

अस्पताल के बाहर हंगामे की जानकारी मिलते ही शाहगंज थाने की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को ढांढस बंधाया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया। पुलिस ने बच्चे के शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

स्थानीय पुलिस प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के सटीक और वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। फिलहाल परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

Sanjay Jaiswal

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