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ख्रिश्चन मिशनरियों के विरोध में “आदिवासी संस्कृति बचाव मोर्चा” — पालघर में 10 अक्टूबर को होगा ठिया आंदोलन |

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पालघर जिले में लगातार ख्रिश्चन मिशनरियों द्वारा आदिवासी संस्कृति पर प्रहार किए जाने के विरोध में आदिवासी संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।
संस्कृति रक्षण समिति, उलगुलान ब्रिगेड और अन्य सामाजिक संगठनों ने कई बार जिला प्रशासन को निवेदन दिया, लेकिन अब तक जिले में चल रहे अवैध ख्रिश्चन प्रार्थना स्थलों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

उल्टा, संस्कृति की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले आदिवासी कार्यकर्ताओं पर ही पुलिस प्रशासन द्वारा झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
1 अक्टूबर 2025 को विक्रमगड तालुका के वेढे गांव निवासी गणेश पांडुरंग दुमाडा और 13 अन्य ग्रामीणों पर ख्रिश्चन मिशनरियों के दबाव में झूठे मुकदमे दर्ज किए जाने का आरोप संगठन ने लगाया है।

ऐसे ही मामले मोडगांव, नवी दापचरी, कासा बु., जामशेत, बांधन, आंबिस्ते आदि गांवों में भी दर्ज किए गए हैं, जिससे आदिवासी समाज में रोष व्याप्त है।

संगठन की प्रमुख मांगें:
1️⃣ आदिवासी कार्यकर्ताओं पर दर्ज झूठे मामले तुरंत वापस लिए जाएं।
2️⃣ जिले में 200 से अधिक अवैध ख्रिश्चन प्रार्थना स्थलों पर त्वरित कार्रवाई की जाए।

इन्हीं मांगों को लेकर 10 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को पालघर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर मोर्चा और ठिया आंदोलन आयोजित किया जाएगा।

इस संबंध में 4 अक्टूबर 2025, शनिवार को आदिवासी एकता मित्र मंडल के संस्थापक अध्यक्ष श्री संतोष जनाठे के नेतृत्व में जिला पुलिस अधीक्षक श्री यतीश देशमुख को निवेदन सौंपा गया।

इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ वेढे, नवी दापचरी, सावरखंड, बांधण, मनोर, सफाले, धुकटन, धांगडपाड़ा, नंदोरे, कोंढाण, टाकवाल आदि गांवों के ग्रामीण — महिलाएं और युवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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Rajesh