ब्यूरो चीफ: विनोद प्रसाद (तृप्ति प्रमाण)
स्थान: पटना / लखीसराय
लखीसराय (बिहार): सावन की तीसरी सोमवारी पर बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में एक बड़ा हादसा हो गया। पूजा और जलाभिषेक के दौरान मची भगदड़ में 8 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों का इलाज लखीसराय सदर अस्पताल में चल रहा है।
करंट की अफवाह से टूटी बैरिकेडिंग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। इसी बीच दो ट्रेनों के एक साथ पहुँचने से मंदिर में अप्रत्याशित भीड़ बढ़ गई। तभी मंदिर परिसर में बिजली का पोल गिरने और करंट फैलने की अफवाह उड़ गई। करंट से बचने के लिए लोग एक-दूसरे को धकेलते हुए भागने लगे, जिससे बाईं ओर की बैरिकेडिंग टूट गई। बैरिकेडिंग टूटते ही दर्जनों लोग नीचे गिर गए और भीड़ उन्हें रौंदते हुए निकल गई।
जिलाधिकारी ने की पुष्टि: मौत की वजह भगदड़, करंट नहीं
लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और एडीएम नीरज कुमार ने प्रेस वार्ता कर आधिकारिक पुष्टि की कि मौतों का कारण करंट नहीं बल्कि भगदड़ है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले से तैनात एंबुलेंस और बाइक एंबुलेंस के जरिए घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
मृतकों की पहचान और सहायता राशि
मृतकों में मनमाला देवी, रिंकू देवी, हेमलता देवी और ललिता देवी की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। घटना पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये अनुग्रह राशि देने और घायलों के मुफ्त व त्वरित इलाज का निर्देश दिया है। पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।