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चारा घोटाला: लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जमानत रद्द करने की CBI याचिका खारिज |

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पटना / नई दिल्ली:

तृप्ति प्रमाण ब्यूरो (ब्यूरो चीफ: विनोद प्रसाद)

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को देश की सर्वोच्च अदालत से बड़ी कानूनी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने देवघर चारा घोटाला मामले में लालू यादव की जमानत रद्द करने और उनकी सजा पर लगी रोक को हटाने से पूरी तरह इनकार कर दिया है। अदालत के इस फैसले से केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को बड़ा झटका लगा है, जिसने याचिका दायर कर राजद सुप्रीमो की जमानत को रद्द करने और उन्हें दोबारा जेल भेजने की मांग की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने ‘समय अवधि’ को माना मुख्य आधार

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति की पीठ ने झारखंड हाईकोर्ट के जमानत देने के पुराने फैसले में किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने से साफ मना कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इस निर्णय के पीछे समय के लंबे अंतराल को मुख्य आधार माना। अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा:

“हम इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश में अब दखल नहीं देना चाहते हैं, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि तब से सात साल का एक लंबा और महत्वपूर्ण वक्त बीत चुका है।”

हाईकोर्ट को 6 महीने के भीतर सुनवाई पूरी करने का निर्देश

जमानत याचिका खारिज करने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट को एक महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किया है। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट से कहा है कि वह चारा घोटाला मामले में दोषी करार दिए गए लालू प्रसाद यादव सहित अन्य सभी आरोपियों की सजा के खिलाफ दायर की गई अपीलों पर अगले 6 महीने के भीतर सुनवाई पूरी करे।

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि चारा घोटाला मामले में साल 2018 में लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया गया था। इसके बाद लालू यादव को कुछ समय जेल में भी बिताना पड़ा था। सजा के इस फैसले के खिलाफ उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जो लंबे समय से लंबित है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्रीय एजेंसी की तरफ से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू ने लालू यादव की जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि लालू यादव की नियमित जमानत याचिका पहले दो बार खारिज की जा चुकी थी और वर्तमान में वह केवल खराब स्वास्थ्य (Medical Grounds) के आधार पर बाहर हैं। हालांकि, अदालत ने एजेंसी की इन दलीलों को दरकिनार करते हुए लालू यादव की जमानत को बरकरार रखा है।

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Rajesh