आगरा। लीवर शरीर का एक ऐसा अंग है जो बिना किसी शिकायत के दिन-रात काम करता रहता है। यह खून को फिल्टर करता है, पित्त बनाकर वसा के पाचन में मदद करता है और शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करता है। लेकिन गलत जीवनशैली और असंतुलित आहार से लीवर कमजोर हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप थकान, अपच, वजन बढ़ना और त्वचा संबंधी समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं।
नेचुरोपैथ मीना अग्रवाल के अनुसार, लीवर की विशेषता यह है कि यह स्वयं को रिपेयर करने की क्षमता रखता है, लेकिन कुछ आदतें इसे धीरे-धीरे कमजोर कर देती हैं। इनमें तला-भुना खाना, अधिक चीनी व नमक का सेवन, पैकेज्ड फूड, रिफाइंड तेल और शराब शामिल हैं। इन आदतों से बचकर लीवर को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
लीवर कमजोर होने के प्रमुख लक्षण
पेट के दाहिनी ओर दर्द व सूजन
भूख न लगना, एसिडिटी व गैस
गहरे रंग का पेशाब व फीके रंग का स्टूल
त्वचा पर पिंपल्स, खुजली व आंखों के नीचे काले घेरे
लगातार थकान व शरीर में सूजन
आंखों व त्वचा में पीलापन
लीवर को स्वस्थ रखने के 3 प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय
- चुकंदर का जूस
सुबह खाली पेट एक गिलास ताजा चुकंदर का जूस पीने से लीवर की प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया सक्रिय होती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट बिलीरुबिन स्तर को संतुलित रखते हैं। अदरक व नींबू मिलाने से इसका प्रभाव बढ़ जाता है। - भृंगराज आसव
भृंगराज को आयुर्वेद में लीवर का प्राकृतिक टॉनिक माना जाता है। भोजन के बाद एक बड़ा चम्मच भृंगराज आसव पानी के साथ लेने से लीवर डैमेज की मरम्मत होती है। शोधों के अनुसार यह मिल्क थिसल से भी अधिक प्रभावी है। - कुटकी पाउडर
आधा चम्मच कुटकी पाउडर शहद के साथ सुबह खाली पेट लेने से लीवर में जमे टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं। यह औषधि न केवल लीवर बल्कि पूरे पाचन तंत्र को सुधारने में सहायक है।
फैटी लीवर से बचाव के लिए जरूरी सुझाव
संतुलित आहार में हरी सब्जियां, फल व साबुत अनाज शामिल करें
नियमित व्यायाम व योग को दिनचर्या में शामिल करें
शराब का सेवन पूर्ण रूप से बंद करें
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
वजन को नियंत्रित रखें
मीना अग्रवाल के अनुसार, इन तीनों उपायों को 15 दिन तक नियमित रूप से अपनाने से लीवर स्वस्थ होता है और शरीर में हल्कापन व ऊर्जा का अनुभव होता है। स्वस्थ लीवर ही स्वस्थ शरीर की नींव है।