पालघर, 4 अक्टूबर: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है और इसी गति के साथ पालघर जिला भी विकास की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। यह बात वन मंत्री एवं पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक ने यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कही।
पालघर तहसील में आयोजित “सेवा पखवाड़ा” के समापन समारोह और अनुकंपा श्रेणी के उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में बोलते हुए श्री नाईक ने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने लंबित अनुकंपा मामलों को हल करने के लिए संवेदनशील पहल की है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 15,000 लोगों को अनुकंपा सिद्धांत पर नियुक्ति देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। “यह कदम न केवल न्यायपूर्ण है, बल्कि जनहित को ध्यान में रखकर उठाया गया है,” उन्होंने कहा।
एक भावुक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि पालघर तहसील कार्यालय के दिवंगत शिपाई रुपेश पाटील की पत्नी को मात्र 47 दिनों में अनुकंपा आधार पर नौकरी दी गई — जो सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक है।
प्रशासन में गति, विकास में तेजी
पालकमंत्री ने सचिव वी. राधा की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस अभियान के लिए गहन अध्ययन व त्वरित कार्यवाही की। “सत्यनिष्ठ और कुशल अधिकारी ही प्रशासन की विश्वसनीयता बढ़ाते हैं,” उन्होंने कहा।
आदिवासी विकास पर विशेष ध्यान
पालघर जो कि आदिवासी बहुल जिला है, उसमें आदिवासियों को वन पट्टे देने में देश में प्रथम स्थान है। वन विभाग के माध्यम से आदिवासी परिवारों को बांस के पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ‘सेवा विवेक’ संस्था के सहयोग से इससे स्थानीय लोगों को खेती के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
तटीय गांवों का डिजिटल सर्वेक्षण
सातपाटी, माहिम और केळवा बंदर जैसे तटीय गांवों का गूगल मैपिंग के माध्यम से सर्वेक्षण किया जाएगा। इससे घर मालिकों को अपनी जमीन का सटीक माप और स्पष्ट स्वामित्व अधिकार मिलेगा।
“100 दिन अभियान” अब “150 दिन अभियान”
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा शुरू किया गया “100 दिन अभियान” अब “150 दिन अभियान” में बदल चुका है और इसकी समय सीमा 26 जनवरी 2026 तक बढ़ा दी गई है। इससे सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में और तेजी आएगी।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख
इस अवसर पर केंद्रीय सांसद डॉ. हेमंत सावरा, विधायक राजेंद्र गावित, जिलाधिकारी डॉ. इंदु राणी झाखड़, वसई-विरार महापालिका आयुक्त मनोज सूर्यवंशी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख सहित जिले के सभी विभाग प्रमुख मौजूद थे।