खाली भूखंडों पर झोपड़पट्टी पुनर्विकास योजना को लेकर SRA का सतर्क रुख, BMC के आरोपों के बाद बढ़ा विवाद |

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बीएमसी और एसआरए के बीच अधिकारों को लेकर टकराव

मुंबई: खाली भूखंडों पर झोपड़पट्टी पुनर्विकास योजना (SRA) लागू करने की प्रक्रिया को लेकर मुंबई महानगरपालिका (BMC) और झोपड़पट्टी पुनर्विकास प्राधिकरण के बीच मतभेद गहरा गए हैं। बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे द्वारा SRA पर अपने अधिकारों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पत्र लिखे जाने के बाद प्राधिकरण ने ऐसी नई योजनाओं को मंजूरी देने में फिलहाल अत्यधिक सावधानी बरतनी शुरू कर दी है।

300 से अधिक मामलों का उल्लेख, नगर विकास विभाग में हलचल

बीएमसी आयुक्त ने शासन को भेजे पत्र में खाली भूखंडों पर SRA योजना लागू करने से जुड़े 300 से अधिक मामलों का जिक्र किया था, हालांकि सूत्रों का मानना है कि यह संख्या और अधिक हो सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता ने बीएमसी और SRA के वरिष्ठ अधिकारियों की एक अहम बैठक बुलाकर मामले की गहन समीक्षा की है।

विकास नियंत्रण नियमावली के प्रावधानों पर उठे सवाल

झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए विकास नियंत्रण नियमावली (DCR) के नियम 33(10) और स्थायी संक्रमण आवास के लिए 33(11) का प्रावधान है। इन्हीं नियमों की आड़ में बिना झोपड़ियों वाले खाली भूखंडों को SRA योजना में शामिल किए जाने पर सवाल खड़े हुए हैं। डेवलपर्स को SRA योजनाओं के तहत अधिक छूट और अतिरिक्त निर्माण क्षेत्र (FSI) मिलने के कारण वे बीएमसी के नियम 33(20)(ब) के बजाय SRA का रुख कर रहे थे। अब नगर विकास विभाग द्वारा नए दिशा-निर्देश जारी किए जाने का इंतजार किया जा रहा है।

(रिपोर्ट: तृप्ति प्रमाण, मुंबई)

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