गोकुलाष्टमी पर मिली राहत के बीच मंडराया जल संकट का खतरा
नवी मुंबई: गोकुलाष्टमी के अवसर पर नवी मुंबई महानगरपालिका (NMMC) द्वारा पानी कटौती वापस लेने से नागरिकों को तात्कालिक राहत जरूर मिली है, लेकिन आने वाले दिनों में पानी कटौती का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। मोरबे बांध में पिछले दो वर्षों की तुलना में इस वर्ष उपयोगी जलसाठा काफी कम है। यदि आगामी दिनों में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई, तो मनपा को दोबारा पानी कटौती लागू करने पर विचार करना पड़ सकता है।
आंकड़ों में मोरबे बांध की स्थिति
मनपा द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मोरबे बांध क्षेत्र में अब तक 3,143.60 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, बांध को 100 प्रतिशत क्षमता तक भरने के लिए अभी भी लगभग 900 मिमी अतिरिक्त बारिश की आवश्यकता है। वर्तमान में बांध में कुल जलसाठा 92.98 प्रतिशत है, लेकिन उपयोगी जलसाठा केवल 76.95 प्रतिशत ही बचा है। इसकी तुलना में वर्ष 2025 में 84.37 प्रतिशत और वर्ष 2024 में 83.72 प्रतिशत उपयोगी जलसाठा उपलब्ध था।
प्रशासन की अपील और राजनीतिक मांग
पिछले वर्षों में अगस्त महीने के दौरान ही मोरबे बांध ओवरफ्लो हो जाता था, परंतु इस वर्ष अगस्त के अंत तक बारिश की गति धीमी रहने से अनिश्चितता बनी हुई है। महापौर सुजाता पाटील ने शहरवासियों से जल संरक्षण करने और पानी का दुरुपयोग न करने की अपील की है। वहीं मनपा आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने आगामी दिनों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद व्यक्त की है। दूसरी ओर, शिवसेना के गुटनेता मनोज हळदणकर ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे वर्ष सुचारू जलापूर्ति बनाए रखने के लिए अभी से दीर्घकालिक नियोजन किया जाए।
(रिपोर्ट: तृप्ति प्रमाण, नवी मुंबई)



