तृप्ति प्रमाण, राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक की विशेष रिपोर्ट
नालासोपारा: महाराष्ट्र के नालासोपारा इलाके में स्वास्थ्य विभाग ने बिना किसी वैध मेडिकल रजिस्ट्रेशन के क्लीनिक चलाने के मामले में बड़ा एक्शन लिया है। विभाग की विशेष टीम ने एक कथित तौर पर फर्जी मेडिकल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए वहां छापेमारी की और गंभीर प्रशासनिक अनियमितताएं उजागर कीं।
बिना वैध दस्तावेजों के चल रहा था इलाज
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि ‘सृष्टि फैमिली क्लिनिक’ के नाम से संचालित इस स्वास्थ्य केंद्र के पास न तो आवश्यक मेडिकल पंजीकरण था और न ही कोई अन्य वैध दस्तावेज मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक, इस क्लिनिक का संचालन डॉक्टर गुलाबचंद यादव कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों की बारीकी से जांच की, जिसमें रजिस्ट्रेशन और प्रमाणपत्रों की भारी कमी पाई गई।
मरीजों की सुरक्षा को लेकर उठाया गया कड़ा कदम
स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना उचित पंजीकरण के चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना कानूनन एक गंभीर अपराध है। इस तरह के अवैध संचालन से मरीजों के स्वास्थ्य और जान को सीधा खतरा हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित कानूनी धाराओं के तहत डॉक्टर गुलाबचंद यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है।
झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि नालासोपारा और आसपास के क्षेत्रों में अवैध क्लिनिक और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ यह सख्त अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। स्थानीय निवासियों ने स्वास्थ्य विभाग के इस त्वरित और सख्त रवैये की सराहना की है और ऐसी गतिविधियों पर और कड़ी नकेल कसने की मांग उठाई है।
पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच
वर्तमान में स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की गहराई से जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।