नालासोपारा | संवाददाता: तृप्ति प्रमाण
महाराष्ट्र के नालासोपारा में शादी का झांसा देकर एक युवती के साथ कथित तौर पर बार-बार दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। मामले में मुख्य आरोपी आरिफ अबू शेख, उसकी मां रुक्शाना और रिश्तेदार साहिल खान के खिलाफ नालासोपारा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, आरोपों की सत्यता और तीनों की कथित भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पीड़िता की शिकायत के अनुसार, एक जिम में दोस्तों के साथ मौजूद रहने के दौरान उसकी मुलाकात मुख्य आरोपी से हुई थी। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर उससे नजदीकियां बढ़ाईं, प्रेम संबंध बनाए और शादी का भरोसा देकर अलग-अलग प्रलोभनों के माध्यम से उसका शोषण किया।
70 से 80 युवतियों को फंसाने का भी दावा
मामले में मुख्य आरोपी पर लगभग 70 से 80 हिंदू युवतियों को कथित तौर पर अलग-अलग प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसाने, उनका यौन शोषण करने तथा अश्लील वीडियो और तस्वीरें बनाकर उनका दुरुपयोग करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। कथित पीड़िताओं की संख्या और उनसे जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होने की जानकारी
मुख्य आरोपी की पहचान आरिफ अबू शेख के रूप में बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसकी मां रुक्शाना और रिश्तेदार साहिल खान के खिलाफ भी नालासोपारा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। मामले में तीनों की भूमिका और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जानी बाकी है।
धार्मिक पहचान को लेकर भी चर्चा
पीड़िता हिंदू और मुख्य आरोपी मुस्लिम बताए जाने के कारण मामला स्थानीय स्तर पर संवेदनशील चर्चा का विषय बन गया है। कुछ हिंदुत्ववादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी इस मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, धार्मिक पहचान के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों और पुलिस जांच के आधार पर ही तथ्यों का आकलन किया जाना चाहिए।
पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की ओर से इस मामले में आधिकारिक कैमरे के सामने प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल, जांच से जुड़े आधिकारिक निष्कर्षों का इंतजार है।
इस मामले में पीड़िता, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ता संजय मेहरा और एक हिंदुत्ववादी संगठन के कार्यकर्ता की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने की जानकारी दी गई है। हालांकि, आरोपों, कथित पीड़िताओं की संख्या और अन्य पहलुओं की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने तथा आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
महत्वपूर्ण: इस रिपोर्ट में उल्लेखित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपी व्यक्तियों को दोषी ठहराने वाला कोई निष्कर्ष पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया से पहले नहीं निकाला जाना चाहिए।




