वसई-विरार | संवाददाता: तृप्ति प्रमाण
वसई-विरार में जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं होने का आरोप लगाते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने आंदोलन शुरू किया है। पार्टी की ओर से मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 से वसई उपविभागीय अधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू किया गया है। भाकपा ने स्पष्ट किया है कि जब तक उसकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
भूमिहीनों और नागरिकों के प्रमाणपत्र जारी करने की मांग
भाकपा की प्रमुख मांगों में भूमिहीन लोगों को आवश्यक प्रमाणपत्र जारी करना तथा जाति प्रमाणपत्र, अधिवास प्रमाणपत्र और निवासी प्रमाणपत्र तत्काल उपलब्ध कराना शामिल है। इसके साथ ही पार्टी ने पिछले वर्ष और चालू वर्ष में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को नुकसानभरपाई और खाद्यान्न सहायता देने की मांग भी उठाई है।
आदिवासी भूमि से कथित अतिक्रमण हटाने की मांग
धरने के दौरान पार्टी ने आदिवासी भूमि पर गैर-आदिवासियों द्वारा किए गए कथित अतिक्रमण को हटाने की मांग की। इसके अलावा, 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और छोटे बच्चों के आधार कार्ड बनवाने की व्यवस्था करने तथा राशन कार्ड से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग भी की गई।
प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
भाकपा की ओर से प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। पार्टी का आरोप है कि आम जनता के बुनियादी अधिकारों से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। इसी कारण अब निर्णायक आंदोलन शुरू किया गया है।
कॉमरेड शेरू वाघ के नेतृत्व में आंदोलन
इस आंदोलन का नेतृत्व कॉमरेड शेरू वाघ कर रहे हैं। उनके साथ तालुका सचिव कॉमरेड अनिरुद्ध मेहेर, सह-सचिव कॉमरेड अंकुश खरपडे और सह-सचिव कॉमरेड सीता जाधव ने भी प्रमुख भूमिका निभाई। धरने में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
भाकपा ने दोहराया है कि जब तक संबंधित मांगों पर कार्रवाई नहीं होती और समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक वसई उपविभागीय अधिकारी कार्यालय के बाहर उसका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।




