पटना/बिहटा:
तृप्ति प्रमाण ब्यूरो (ब्यूरो चीफ: विनोद प्रसाद)
बिहार के बिहटा स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (NSMCH) में मंगलवार का दिन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ। संस्थान के पहले भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें वर्ष 2020 बैच के 87 प्रतिभावान मेडिकल छात्रों को उनकी एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री प्रदान की गई। इस खास मौके पर डिग्री पाकर युवा डॉक्टरों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ
इस ऐतिहासिक समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि सह बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, संस्थान के प्रबंध निदेशक कृष्ण मुरारी सिंह, प्राचार्य डॉ. हरिहर दीक्षित, अस्पताल निदेशक डॉ. रंजीत कुमार सिंह, सुपरिटेंडेंट डॉ. उदय नारायण सिंह, डीन डॉ. संजय कुमार, डॉ. अरबिंद प्रसाद और डॉ. अशोक शरण ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की। इस अवसर पर संस्थान के निदेशकों ने माननीय मंत्री विजय कुमार सिन्हा को अंगवस्त्र और स्मृति प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
‘ज्ञान तभी सार्थक है जब वह समाज को समर्पित हो’
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने संस्थान की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहटा में इस विश्वस्तरीय मेडिकल संस्थान के खुलने से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए डॉक्टर बनने का सपना साकार करना बेहद आसान हो गया है। अब यहाँ के छात्रों को उच्च चिकित्सा शिक्षा के लिए अपना घर छोड़कर बाहर जाने की मजबूरी नहीं है। पासआउट डॉक्टरों को इस पवित्र पेशे की जिम्मेदारियों का अहसास कराते हुए उन्होंने कहा:
“ज्ञान तभी सार्थक माना जाता है जब वह समाज के कल्याण के लिए समर्पित हो। युवा डॉक्टरों को ग्रामीण इलाकों में जाकर मानवता की सेवा को अपनी पहली प्राथमिकता बनानी चाहिए।”
बिहार में तेजी से मजबूत हो रहा है मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर
कृषि मंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व विकास के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि साल 2014 तक बिहार में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन आज राज्य में 12 सरकारी और 9 प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर कुल 21 संस्थान संचालित हो रहे हैं, जबकि 8 अन्य पर काम चल रहा है। इसके साथ ही एमबीबीएस की सीटें 700 से बढ़कर 2582 हो चुकी हैं। आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार के 2.1 करोड़ से अधिक परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज का लाभ मिल रहा है।
समारोह के समापन पर संस्थान के निदेशक कृष्ण मुरारी सिंह, एमएम सिंह सहित वरिष्ठ फैकल्टी, शिक्षक और बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्राओं के गौरवान्वित अभिभावकों ने नए डॉक्टरों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।