मुंबई: लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘ओह हमनवा तुम देना साथ मेरा’ के आगामी एपिसोड में दर्शकों को ड्रामा, रोमांस और भरपूर कॉमेडी का एक साथ तड़का देखने को मिलने वाला है। रक्षित और अपराजिता के बीच पनपती नजदीकी इस बार एक ऐसे मोड़ पर पहुंच जाएगी, जहां खुद को बचाने के लिए रक्षित को ऐसा कदम उठाना पड़ेगा जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
फटे कुर्ते से शुरू हुई कमरे की नजदीकियां
कहानी में मोड़ तब आता है जब विवान, रक्षित के साथ अपराजिता के घर पहुंचता है। अपराजिता पहले तो रक्षित की मौजूदगी से हिचकिचाती है, लेकिन बाद में खुद उसे रुकने का आग्रह करती है। इसी दौरान अपराजिता का संतुलन बिगड़ता है और रक्षित उसे गिरने से बचा लेता है। इस चक्कर में रक्षित का कुर्ता फट जाता है। तभी पड़ोस की महिलाओं को आता देख, अपराजिता घबराकर रक्षित को अपने कमरे में छुपा देती है। कमरे के अंदर कुर्ता सिलने के दौरान दोनों के बीच कई हसीन और गुदगुदाने वाले पल देखने को मिलते हैं।
विवान-आराध्या के करीब आने से रोहन परेशान
दूसरी ओर, महादेव पूजा की तैयारियों के बीच विवान और आराध्या की बढ़ती नजदीकियां रोहन के मन में जलन और बेचैनी बढ़ा देती हैं। मालती जब पूजा की रस्म के लिए आराध्या और रोहन को साथ बुलाती है, तब रोहन का तनाव साफ नजर आता है।
‘रक्षा मौसी’ बने रक्षित, क्या पकड़ा जाएगा राज?
ड्रामा तब अपने चरम पर पहुंचता है जब पड़ोस की महिलाएं अचानक उसी कमरे की तरफ बढ़ जाती हैं जहां रक्षित छिपा हुआ था। जल्दबाजी में अपनी पहचान छिपाने के लिए रक्षित साड़ी पहनकर घूंघट ओढ़ लेता है! अपराजिता तुरंत बात संभालते हुए उसे गांव से आई रिश्तेदार ‘रक्षा’ बता देती है। लेकिन मुसीबत तब बढ़ती है जब महिलाएं ‘रक्षा’ का चेहरा देखने के लिए घूंघट हटाने की जिद पर अड़ जाती हैं।
अब देखना बेहद रोमांचक होगा कि क्या रक्षित इस घूंघट के पीछे अपनी पहचान छुपा पाएगा या पड़ोसियों के सामने उसकी पोल खुल जाएगी?
संवाददाता: साहिल यादव